वाराणसी। उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष बृज लाल ने शनिवार को सर्किट हाउस में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक में समाज कल्याण अधिकारी को जमकर फटकार लगाई। साथ ही जिलाधिकारी को एससी एसटी एक्ट के नोडल अधिकारी पर कार्रवाई का निर्देश दिया। हत्या, लूट और बलात्कार जैसे संगीन अपराध के पीड़ितों को आर्थिक सहायता नहीं देने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने पीड़ितों को आर्थिक सहायता और पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग की ओर से संगीन अपराधों के पीड़ितों को पांच हजार रुपये पेंशन और कुछ मामलों में एक मुश्त आर्थिक सहायता का प्रावधान है। शनिवार की बैठक में वाराणसी से जुड़े मामले पर चर्चा के दौरान नोडल अधिकारी समाज कल्याण अधिकारी पीके सिंह ने शासनादेश पर अनभिज्ञता जताई। आयोग के अध्यक्ष ने शासनादेश के आधार पर ही उनकी ओर से भेजे गए पत्र का जिक्र किया तो उनकी लापरवाही सामने आई। हालांकि जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने आयोग के अध्यक्ष को शांत कराया। बृज लाल ने बताया कि पेंशन स्कीम में लखनऊ, अमेठी सहित कई जिलों में काम शुरू हो गया है। वाराणसी में योजना की समीक्षा की गई है और अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शिकायत मिलने पर मुकदमा लिखा जाए और उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। एससी एसटी एक्ट के मामलों का मिसयूज नहीं होना चाहिए।