वाराणसी। जेल में लगे सीसीटीवी कैमरों को सरवर से जोड़ा जाएगा। जेलों में चलने वाली गतिविधियों पर लखनऊ से बैठकर निगाहर रखी जा सकेगी। इसको लेकर विभाग प्रयास कर रहा है। यह बात एडीजी जेल चंद्रप्रकाश ने शनिवार को सेंट्रल जेल पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से कही। एडीजी कैदियों व बंदियों द्वारा बनाए गए ब्रेड, बिस्किट, दरी, चादर, अचार तथा फर्नीचर की बिक्री के लिए जेल के बाहर खोले गए नए आउटलेट का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि बंदियाें में सुधार के लिए जरूरी है कि उन्हें सकारात्मक कार्यों में व्यस्त रखा जाए। इसके लिए उन्हें ज्यादा से ज्यादा रोजगार परक कार्यों में शामिल करना होगा ताकि सुधार, कुशलता के साथ-साथ उनकी आमदनी भी होती रहे। इससे वह अपने परिजनों की आर्थिक मदद भी कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि यह आउटलेट आम लोगों के लिए खोला गया है, जहां से वे बंदियों के बनाए गए उत्पादों को खरीद सकेंगे। उत्पादों से संबंधित सवाल पर एडीजी जेल ने कहा कि उत्पाद अच्छी क्वालिटी व प्रशिक्षित बंदियों के द्वारा तैयार किए गए हैं। इस अवसर पर सेंट्रल जेल के अंदर कामर्शियल लांड्री मशीन और साड़ी बनाने वाले हथकरघों का भी उद्घाटन किया गया। एआईजी वीके जैन ने बताया कि लांड्री मशीन से नर्सिंग होम, होटल आदि के चादर, पर्दे व अन्य कपड़े धुले जाएंगे। इससे कम से कम 50-60 बंदियों को रोजगार मिलेगा। वरिष्ठ अधीक्षक अंबरीश गौड़ ने बताया कि आउटलेट और लांड्री मशीन सिडबी के सहयोग से स्थापित की गई है। वहीं साड़ी का हथकरघा, जैन समाज के सहयोग से स्थापित किया गया है। इस मौके पर सिडबी के सह-प्रबंधक राजेश खांडेलवाल, जेलर केपी सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।