वाराणसी। एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक मामले में जिला जेल में बंद यूपीपीएससी की निलंबित परीक्षा नियंत्रक अंजू लता कटियार से शनिवार को विवेचक सीओ पिंडरा अनिल राय पूछताछ करने पहुंचे। उन्होंने कई सवाल पूछे, लेकिन अंजू ने जवाब देने से इनकार कर दिया। इसके बाद विवेचक वापस लौट गए। उधर, एसआईटी को यूपीपीएससी के अध्यक्ष की ओर से सवालों का जवाब अब तक नहीं मिला है।
सीओ पिंडरा के अनुसार, निलंबित परीक्षा नियंत्रक ने कहा कि वह कोर्ट के समक्ष ही अपना पक्ष रखेंगी। छह जून को जमानत अर्जी खारिज होने के बाद विवेचक ने अंजू से जेल में पूछताछ करने के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी। करीब एक दर्जन सवालों के साथ विवेचक पूछताछ के लिए जेल पहुंचे, लेकिन अंजू ने जवाब देने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, अंजू हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल करने की तैयारी में हैं। इसके लिए कई अधिवक्ता पत्रावली तैयार करने में लगे हैं। जानकारों का कहना है कि हाईकोर्ट में विवेचक और एसटीएफ को पेपर लीक मामले से निलंबित परीक्षा नियंत्रक का संबंध साबित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए एसआईटी और विवेचक किसी अन्य गिरफ्तारी के बजाय साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।
एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में चोलापुर से कोलकाता निवासी कौशिक कुमार को 28 मई को गिरफ्तार किया था। उसके बयान के आधार पर अंजू के कार्यालय व घर की तलाशी ली गई। 30 मई को प्रयागराज से अंजू को गिरफ्तार किया गया था। उधर, एसआईटी ने कई बिंदुओं पर यूपीपीएससी अध्यक्ष से जानकारी मांगी थी। जवाब लेने के लिए चोलापुर थाने का एक दरोगा कई दिनों तक प्रयागराज में रुका, लेकिन कोई जानकारी अब तक नहीं दी गई। सीओ पिंडरा का कहना है कि सोमवार तक जवाब मिलने की उम्मीद है।