वाराणसी। गलियों और घाटों की काशी के लोगों की भविष्य की आवश्यकताओं और संभावनाओं के लिए तैयार की गई न्यू काशी की योजना अब तक सिरे नहीं चढ़ पा रही है। योजना की शुरूआत के लिए जोनल मैपिंग के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण के प्रस्ताव को शासन ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है और पूरे प्रदेश मेें होने वाली मैपिंग के साथ ही न्यू काशी को शामिल करने का निर्णय लिया है। उधर, शासन की ओर से बनी इस योजना के बाद से न्यू काशी के लिए चिह्नित जमीनों की खरीद-फरोख्त के साथ ही अनियोजित विकास भी बढ़ गया है।
वाराणसी विकास प्राधिकरण की ओर से बनाई गई योजना के अनुसार शहर के 48 किमी एरिया में नई काशी को बसाया जाएगा। रिंग रोड फेज-1 के निर्माण और प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दौरान टेंट सिटी इस योजना की आधार बनी। विकास प्राधिकरण ने इस पूरी योजना को शासन को भेजा तो उसकी प्रशंसा भी हुई। मगर, जोनल मैपिंग के प्रस्ताव में देरी के चलते इस योजना से निजी लाभ लेने की होड़ मच गई है। प्रारंभिक प्लान के मुताबिक रिंग रोड के किनारे करीब 20 मीटर की ग्रीन बेल्ट्स और 200 मीटर में आवासीय सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके लिए रिंग रोड के किनारे के इलाके का भू उपयोग बदलकर कृषि से मिश्रित भू उपयोग में किया जाएगा। मिश्रित भू उपयोग से इस क्षेत्र में हर तरह के विकास कार्य किए जा सकेंगे। यहां आवासीय योजनाओं के साथ होटल-मॉल और व्यापारिक आवश्यकताओं की संस्थाओं की स्थापना की जा सकेगी। उधर, वीडीए वीसी राजेश कुमार का कहना है कि जोनल मैपिंग शासन स्तर पर कराई जाएगी। किसी भी सूरत में अवैध निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।