वाराणसी। जेएचवी मॉल में अंधाधुंध फायरिंग कर की गई दो लोगों की हत्या के समय आरोपी ऋषभ सिंह उर्फ कुमार रिशु नाबालिग नहीं था बल्कि वो 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुका था। जांच में इस तथ्य की पुष्टि होने पर रविवार को ऋषभ, उसके पिता मनीष सिंह और रेनू सिंह के खिलाफ कैंट थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य आरोपों में पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज किया गया है।
छावनी क्षेत्र स्थित जेएची मॉल में 31 अक्तूबर 2018 को फायरिंग कर दो लोगों की हत्या कर दी गई थी और दो पर जानलेवा हमला किया गया था। वारदात का मुख्य आरोपी काशी विद्यापीठ का छात्र आलोक उपाध्याय, ऋषभ सिंह और उनके दो अन्य दोस्त जिला जेल में निरुद्ध हैं। बीते दिनों बिहार के आरा निवासी ऋषभ सिंह ने खुद को किशोर अपचारी घोषित करने के लिए अदालत में आवेदन दिया था। ऋषभ के आवेदन के समर्थन में उसके मां-बाप ने अदालत में बयान दिया था। इंस्पेक्टर कैंट विजय बहादुर सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर जांच की गई। ऋषभ ने खुद की जन्मतिथि तीन अगस्त 2001 बताई थी। जांच में सामने आया कि ऋषभ ने आरा स्थित एक कान्वेंट स्कूल से 2016 तक पढ़ाई की है, जहां उसकी जन्मतिथि 30 मार्च 2000 दर्ज है। झूठे तथ्यों का सहारा लेकर अदालत को गुमराह करने के आरोप में ऋषभ और उसके मां-बाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।