वाराणसी। यूपी बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद अब परीक्षार्थियों के सामने 11वीं और स्नातक में दाखिला लेने की चुनौती है। एक ओर जहां सीएचएस समेत कई विद्यालयों में प्रवेश परीक्षाएं शुरू हो गई हैं, वहीं बीएचयू, काशी विद्यापीठ सहित अन्य जगहों पर स्नातक, स्नातकोत्तर में दाखिला लेने की तैयारी तेज हो गई है। इसमें सबसे अधिक मारामारी स्नातक में प्रवेश लेने वालों को करनी पड़ेगी।
जिले के 150 केंद्रों पर सात फरवरी से दो मार्च तक चली परीक्षा के बाद से ही परीक्षार्थी परिणाम का इंतजार कर रहे थे। शनिवार को परिणाम की घोषणा होने की सूचना मिलने के बाद से ही छात्र-छात्रा उत्साहित थे। दोपहर साढ़े बारह बजे के बाद जब माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से परिणाम जारी किया गया तो हर कोई एक-दूसरे की रैंक जानने में लग गया। हाईस्कूल, इंटर में अच्छे अंकों से परीक्षा पास करने के बाद भी छात्र-छात्राओं में दाखिले को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस बार बीएचयू में दाखिले के लिए आए साढ़े पांच लाख आवेदनों में आधे से अधिक आवेदन तो स्नातक के ही हैं। इसके अलावा काशी विद्यापीठ में भी एक सीट पर तीन-तीन लोगों की दावेदारी है। बीएचयू में जहां स्नातक की करीब साढ़े पांच हजार सीटें हैं, वहीं काशी विद्यापीठ में 3700, यूपी कॉलेज में 1200 और हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज में करीब 1800 सीटें हैं।