रोहनिया। राम किशुन पीजी कॉलेज करसड़ा में सोमवार को मनमानी वसूली और सुविधाएं न मिलने पर डी एल एड (बीटीसी) व बीएड के छात्र-छात्राओं ने धरना प्रदर्शन किया। छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि दो मिनट लेट होने पर उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती जबकि विद्यालय के वाहन से आने वाले छात्र-छात्राओं को सहूलियत दी जाती है। विरोध करने पर प्रैक्टिकल में कम नंबर देने की धमकी दी जाती है। कहा कि विभाग में बाथरूम नहीं है और हैंडपंप का पानी पीने को मिलता है। प्राचार्य के समझाने पर छात्र-छात्राएं शांत हुए।
सोमवार को 2 मिनट देर से पहुंचने पर उपस्थिति नहीं दर्ज होने पर छात्र-छात्राएं आक्रोशित हो गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस व प्राचार्य छात्र-छात्राओं को शांत करने का प्रयास किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि पहले क्लास में उपस्थिति ली जाती थी अब महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर सुरक्षाकर्मी विद्यार्थियों की उपस्थिति ले रहे हैं। मनमाने तरीके से उपस्थिति कम दिखाकर रुपये की मांग की जा रही है। छात्रों ने प्रबंधक पुत्र पर गाली-गलौज का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि जब तक प्रबंध समिति की तरफ से माफी नहीं मांगी जाती है और समस्याओं का समाधान नहीं होगा तब तक विरोध जारी रहेगा। काफी समझाने पर छात्रों ने अपनी समस्याओं को लिखकर प्राचार्य को दिया। कहा कि मांगें पूरी नहीं की गई तो पुन: धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे। प्राचार्य ने आश्वासन दिया कि प्रबंध समिति के सामने समस्याओं को रखा जाएगा। प्राचार्य डॉ. आनंद प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि उपस्थिति में धांधली व पैसा मांगने की बात बेबुनियाद है। स्नातक की परीक्षा के कारण बीटीसी व बीएड की कक्षाएं अलग से चलाई जा रही हैं। यही कारण है कि छात्रों की उपस्थिति सुरक्षाकर्मियों से कराई जा रही थी। इस बारे में कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्या का कहना है कि फीस का निर्धारण शासन स्तर से किया जाता है। मनमानी वसूली की शिकायत मिलेगी तो जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।