वाराणसी। दिल्ली पब्लिक स्कूल में शुक्रवार को विद्यारंभ में बच्चों और शिक्षकों का आपसी संवाद हुआ। अभिभावकों को विद्यालय परिसर एवं उसकी नीतियों से परिचित कराया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ ही छात्रों ने नाटक के माध्यम से जागरू कता का संदेश दिया। नवागत बच्चों ने मां सरस्वती को प्रणाम करने के साथ ही विद्यारंभ की प्रक्रिया शुरू की।
शुक्रवार को विद्यारंभा में सर्वप्रथम बच्चों ने अभिभावकों का स्वागत किया। कक्षा एक और दो के छात्रों ने वाद्ययंत्र पर मधुर संगीत प्रस्तुत किया। रामायण में गुरुकुल शिक्षा का महत्व नाटक ने दर्शकों का मन मोह लिया। नाटक के माध्यम से गुरुकुल शिक्षा का महत्व और गुरुकुल में दिए जाने वाले ज्ञान के बारे में जानकारी दी गई। अभिभावकों को एडुनेक्स्ट प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। इसके उपरांत विद्यारंभ का कार्यक्रम शुरू हुआ। इसमें एक अध्यापिका, अभिभावक एवं उनके बच्चों ने एक-एक कर देवी सरस्वती को पुष्प अर्पण करने के उपरांत स्लेट पर पहला अक्षर लिखकर अपनी नन्ही हथेलियों से हल्दी के छाप लगाए। प्रधानाचार्य मुकेश सेलट ने बच्चों को सफलता एवं उन्नति का मूलमंत्र दिया। इस दौरान विद्यालय के निदेशक पंकज राजगढ़िया, निदेशिका सीमा राजगढ़िया ने बच्चों का आशीष दिया। संचालन रोली मानखंड और धन्यवाद ज्ञापन शुचि पाठक ने किया।