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भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने का प्रस्ताव पारित

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वाराणसी। विश्व भोजपुरी सम्मेलन में भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। यह प्रस्ताव केंद्र और राज्य सरकार को भेजा जाएगा। साथ ही भोजपुरी साहित्य का प्रकाशन और सांसदों व विधायकों को भोजपुरी में वक्तव्य देने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
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बड़ालालपुर स्थित जीवनदीप शिक्षण समूह में आयोजित सम्मेलन के समापन अवसर पर रविवार को मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य चेत नारायण सिंह ने कहा कि भोजपुरी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए प्रयास करूंगा। उन्होंने भोजपुरी भाषा के पुस्तकालय की स्थापना के लिए सहायता का भी आश्वासन दिया। विशिष्ट अतिथि इग्नू के क्षेत्रीय निदेशक एएन त्रिपाठी ने बताया कि इग्नू ने भोजपुरी को कई साल पहले ही अपना लिया है। संस्था के महासचिव डॉ. अशोक सिंह ने कहा कि संविधान की आठवीं अनुसूची में भोजपुरी को शामिल किए जाने तक संघर्ष जारी रहेगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत दूबे ने बताया कि भोजपुरी भाषा के विकास के लिए यूपी और बिहार में इसे द्वितीय राजभाषा का दर्जा दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर जयनाथ, ओम प्रकाश चौबे, डॉ. अंशु सिंह, प्रो. श्रद्धा सिंह, शूलपानी सिंह, डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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