वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि विज्ञान और तकनीक से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सकता है। केंद्र और राज्य सरकार ने इसी के जरिए भ्रष्टाचार को खत्म किया है। पुरातन ज्ञान की के आधुनिक तकनीक से जुड़ने के बाद मानव जीवन सुगम हो गया है। प्रयागराज कुंभ में गंगा जल आजादी के बाद सबसे ज्यादा स्वच्छ है। तकनीक के उपयोग से गंगा को साफ किया गया है। अभी यह तकनीक मंहगी है। इसे जनसुलभ बनाने का प्रयास होना चाहिए।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में शनिवार को आईआईटी बीएचयू के चार दिवसीय 100वें ग्लोबल एल्युमनी मीट के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा, आने वाले 100 साल में देश के भविष्य के लिए विजन तैयार करना होगा। भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन का जिक्र करते हुए कहा कि स्वच्छता से स्वास्थ्य, जीवन स्तर और नारी गरिमा में सुधार हुआ है। गोरखपुर सहित पूर्वोत्तर यूपी को इंसेफ्लाइटिस बीमारी से स्वच्छता के जरिए ही निजात मिली। कहा, तकनीक से भ्रष्टाचार मुक्त समाज के लिए राशन वितरण में ई-पॉस मशीन, लोन सहित अन्य योजनाओं के बारे में सरकार ने पहल की।
इससे पहले आईआईटी बीएचयू के निदेशक पीके जैन ने संस्थान की ओर से की जा रही पहल की जानकारी दी। बताया कि आगामी सालों में इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्चर की शुरूआत, 5 जी के लिए मिनिस्ट्री ऑफ कम्युनिकेशन से एमओयू, अमेजन एशिया व सिस्को लैब की स्थापना की जानकारी दी।