वाराणसी। वाणिज्य कर विभाग की छापेमारी में कर चोरी के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। पकड़ में आने के बाद सुपारी कारोबारियों ने डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा टैक्स व अर्थदंड मद में गुरुवार को जमा किए। नये साल में विभाग को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।
एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन एसपी वर्मा के निर्देशन में विशेष अनुसंधान शाखा (विअनुशा) की टीम ने सुपारी कारोबार से जुड़ी दो फर्मों की जांच की। लहरतारा स्थित फर्म राम रहीम ने सुपारी की खरीद-बिक्री दिखाते हुए पांच प्रतिशत की दर से कर दायित्व स्वीकार किया। जांच में पाया गया कि फर्म में सुपारी की कटिंग कर पिपरमिंट, सुगंध, किमाम, पैराफिन ऑयल आदि मिलाकर सुगंधित सुपाड़ी बनाकर बेची जाती है, जिस पर 18 फीसदी जीएसटी देय है। जांच स्थल पर भारी मात्रा में तंबाकू भी पाई गई, जिसके बारे में व्यापारी कोई कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में एक करोड़ से अधिक कर के अपवंचन का मामला प्रकाश में आया है। व्यापारी से 50.02 लाख रुपये कर व अर्थदंड के रूप में जमा करा लिए गए हैं।
दूसरी फर्म चांदपुर स्थित कामाख्या ने भी सुगंधित सुपाड़ी व तंबाकू के निर्माण, बिक्री का व्यापार घोषित किया है। ऑनलाइन रिटर्न में सुपारी व जर्दा की खरीद-बिक्री दिखाई जा रही थी। जांच में पाया गया कि फर्म सुपारी की कटिंग कराकर उसमें पिपरमिंट, सुंगध, किमाम, पैराफिन ऑयल आदि मिश्रित कर सुगंधित सुपारी के पाउच बनाकर बेचती है। यह व्यापारी भी 13 प्रतिशत कम कर जमा कर रहा था। यहां जांच में चार करोड़ से अधिक कर के अपवंचन का मामला प्रकाश में आया। इस व्यापारी से 1.01 करोड़ रुपये कर व अर्थदंड के रूप में जमा कराए गए हैं।