वाराणसी। पल्स पोलियो की तरह ही फाइलेरिया (हाथी पांव) उन्मूलन के लिए अब फाइलेरिया मुक्त भारत अभियान चलाए जाने का निर्णय लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इसके लिए अभियान के शुभारंभ की तिथि दस फरवरी रखी गई है। पहले से दी जाने वाली दवा डाईथाइल-कार्बामाजीन (डीईसी) और एलबेंडाजोल की खुराक के साथ अभियान में नई दवा आइवरमेक्टिन भी दी जाएगी।
जिले में साल दर साल फाइलेरिया मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। वर्ष 2014 में कराए गए एक सर्वे में जहां जिले में 2285 मरीज पाए गए थे वहीं तीन साल बाद जब दोबारा सर्वे कराया गया तो यह संख्या बढ़कर 3800 हो गई। अब इसके उन्मूलन को लेकर दस फरवरी से अभियान का शुभारंभ होगा। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत बनारस का चयन किया गया है। यहां के बाद इसे पूरे देश भर में लागू किया जाएगा। बताया कि जिला मलेरिया अधिकारी के देखरेख में हेल्थ वर्करों की टीम घर-घर जाकर बच्चों, बड़ों को मानक के अनुसार दवाएं दी जाएंगी। अभियान को लेकर जल्द ही एक बैठक भी होगी, जिसमें तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।