वाराणसी। भारत में निर्मित पहली हाई स्पीड ट्रेन प्रवासी भारतीयों के सफर को सुरक्षित और आरामदायक बनाएगी। उन्हें प्रयागराज से नई दिल्ली तक टी18 सहित विशेष लग्जरियस ट्रेनों से ले जाया जाएगा। विदेश मंत्रालय व रेल मंत्रालय मिलकर इस पर बृहद योजना तैयार कर रहे हैं।
जनवरी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। लगभग पांच हजार प्रवासी भारतीयों के इसमें शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। लिहाजा भारत की आतिथ्य परंपरा का एहसास कराने के साथ ही यहां की संस्कृति व कला से प्रवासी भारतीयों को रूबरू कराने के लिए शासन प्रशासन जी जान से जुटा हुआ है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान प्रवासी भारतीयों को कुंभ मेले की भव्यता दिखाने की भी योजना है। इसके बाद उन्हें दिल्ली ले जाया जाएगा।
आधिकारिक सूत्रों की मानें तो प्रवासी भारतीयों को टी18 से प्रयागराज से नई दिल्ली भेजा जाएगा। इसके अलावा शताब्दी व राजधानी सरीखी ट्रेनों को भी दिल्ली तक उन्हें ले जाने के लिए लगाया जाएगा। हाल ही में प्रयागराज से नई दिल्ली के बीच हुए टी18 के ट्रायल रन को भी इसी क्रम में देखा जा रहा है। वाराणसी से प्रयागराज तक प्रवासी भारतीयों को लग्जरी बसों से भेजा जाएगा। इसको लेकर बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है।
टी18 की खास बातें-
- 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम
- दो एग्जीक्यूटिव और 14 नॉन एग्जीक्यूटिव क्लास मिलाकर 16 डिब्बे
- सभी डिब्बे एक दूसरे से जुड़े और वातानुकूलित चेयर कार।
- सीटें इस तरह से डिजाइन की गई हैं कि 360 डिग्री पर घूम सकती हैं
- वाई-फाई सुविधा से लैस, एडवांस पैसेंजर इंफार्मेशन सिस्टम रहेगा
- रीडिंग लाइट्स और डिफ्यूजिंग लाइट्स
- वृद्धों और दिव्यांगों के लिए अलग से व्यवस्था, व्हील चेयर के साथ भी कर सकते हैं यात्रा
- ट्रेन के दरवाजे टच सेंसिटिव हैं और रुकने पर ही खुलते हैं।
- खास पेंट्रीकार, टच फ्री बायो वैक्यूम टॉयलेट
- सुरक्षा के लिए प्रत्येक कोच में 6 सीसीटीवी कैमरे, टॉक बैक यूनिट यानी पैसेंजर इमरजेंसी कम्यूनिकेशन यूनिट, ट्रेन स्टॉफ से सीधे बातचीत