वाराणसी। स्वीकृत काम न होने और अधिकारियों तथा ठेकेदारों द्वारा भ्रष्टाचार करने के आरोपों के बीच नगर निगम की बैठक में बुधवार को हंगामा हुआ। विपक्षी पार्षद महापौर की कुर्सी के पास तक पहुंच गए और डायस पर धरने पर बैठ गए। महापौर के अधिकारियों को काम तत्काल कराने के निर्देश के बाद पार्षदों ने धरना समाप्त कर दिया।
नगर निगम की बैठक बुधवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई। पार्षद भैयालाल महापौर की चेयर के पास पहुंच गए और कहा कि उनके वार्ड में स्वीकृत कार्य नहीं कराए जा रहे। स्वीकृत हुई दो फाइलों को लेकर निगम के अधिकारी और ठेकेदार गोलमाल कर रहे हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में विपक्षी पार्षद और महिला पार्षद भी उनके समर्थन में डायस पर जा पहुंचे। मुस्लिम पार्षदों ने कहा कि मुहर्रम पर्व को ध्यान में रखकर भी अधिकारियों की ओर से कोई काम नहीं कराया गया है।
वार्ड 53 के पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि 3 वर्ष पूर्व 3.58 लाख रुपए के कार्य स्वीकृत हुए थे। इसमें बूंदीमहाल में इंटरलॉकिंग का कार्य होना था, जिसे मैसर्स कुमार एंड कंपनी को करना था। कुमार एंड कंपनी ने आज तक उस कार्य को नहीं कराया। इस बारे में मांगने पर भी अधिकारी जानकारी नहीं देते। इस बात को लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ। हंगामा कर रहे पार्षदों ने यह आरोप लगाया कि कई फाइलों को दबाकर अधिकारी और ठेकेदार रुपयों की बंदरबांट कर रहे हैं । कागजों पर काम पूरा दिखाया जा रहा है।
हंगामा चल रहा था। इसी बीच मुस्लिम पार्षदों सहित लगभग एक दर्जन महिला पार्षद यह कहते हुए डायस पर धरने पर बैठ गये कि मोहर्रम मनाए जाने वाले इलाकों में किसी भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। हर तरफ सीवर ओवर फ्लो हैं। स्ट्रीट लाइट नहीं है। इससे रात में परेशानी होती है। पिछली बैठकों में भी समस्याओं को दूर करने का आदेश हुआ था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। मुस्लिम बाहुल्य इलाकों की अनदेखी लगातार की जा रही है। वहीं पार्षद सीता शर्मा ने बोतल में सीवर युक्त जल लाकर महापौर को दिखाया। कहा कि क्षेत्र में सीवरयुक्त पेयजल की सप्लाई हो रही है और अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। लगभग आधे घंटे तक सदन में धरना चलता रहा। तब महापौर ने नगर आयुक्त से इन समस्याओं का तत्काल समाधान करने के लिए कहा। इसके बाद कुछ अन्य पार्षदों के हस्तक्षेप पर धरना समाप्त हुआ।