वाराणसी। मिल्कोपुर के व्यापारी पिता-पुत्र की विस्फोटक पदार्थ से की गई हत्या का सोमवार को पुलिस खुलासा कर सकती है। वारदात के मास्टर माइंड सोनू के ओडिशा के संबलपुर में छह माह तक रहने के कारण रविवार को भी उसके नक्सली कनेक्शन की छानबीन की जाती रही। वहीं, सोनू से मिली जानकारी के आधार पर उसको विस्फोटक पदार्थ उपलब्ध कराने वालों की धरपकड़ के लिए क्राइम ब्रांच की दो टीमें चुनार और सोनभद्र रवाना की गई हैं। संभावना जताई जा रही है कि इस मामले में कुछ और लोग भी गिरफ्तार किए जाएंगे। उधर, मिल्कोपुर गांव में आईबी और एलआईयू की टीमों ने डेरा डाल रखा है। खुफिया इकाइयां ग्रामीणों से पूछताछ कर जानकारियां जुटी रही हैं।
चौबेपुर थाना अंतर्गत मिल्कोपुर गांव में 28 अगस्त की आधी रात बाद विस्फोटक पदार्थ से धमाका कर खली-चूनी व्यापारी लालजी यादव और उनके बेटे अजय की हत्या कर दी गई थी। चौबेपुर थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर चौक क्षेत्र के सराफा कारोबारी प्रतीक वर्मा, किरन चंद्र वर्मा, विपिन चंद्र वर्मा व विनोद चंद्र वर्मा और लखरांव निवासी मुन्नीलाल यादव व उसके बेटे सोनू को हिरासत में लेकर एनआईए, एटीएस, आईबी, क्राइम ब्रांच और पुलिस की अलग-अलग टीमें पूछताछ कर रही हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार वारदात को जमीन विवाद की रंजिश में अंजाम दिया गया है। इसके लिए विस्फोटक पदार्थ नक्सलियों से संपर्क कर लिया गया, इसकी पड़ताल की जा रही है। सोनू को विस्फोटक पदार्थ उपलब्ध कराने वालों की गिरफ्तारी के बाद मामला परत दर परत स्पष्ट हो जाएगा। उधर, इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि ठोस साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। हमारा पूरा जोर इस पर है कि आरोपियों को कड़ी सजा मिले।