वाराणसी। निक्षय पोर्टल पर टीबी मरीजों का विवरण अपलोड न करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। ऐसा न करने पर निजी चिकित्सकों, अस्पतालों, केमिस्टों, प्राइवेट पैथालाजी, अल्ट्रासाउंड केन्द्रों, स्वयंसेवी संस्थाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी गई है। शनिवार को देर शाम जिला स्वास्थ्य समिति कर बैठक में डीएम सुरेंद्र सिंह ने सीएमओ और जिला क्षय रोग अधिकारी को ऐसे लोगों की सूची बनाकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
डीएम ने कहा कि टीबी के सभी संभावित मरीजों की एचआईवी और शुगर की भी जाँच शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने, इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न करने की हिदायत दी है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है की सन 2025 तक देश से टीबी को पूरी तरह ख़त्म करना है, अब अगर प्राइवेट चिकित्सक ऐसे मनमानी करते रहे तो कैसे उनके संकल्प को पूरा किया जा सकेगा। इसीलिए सरकार ने नियम बनाया था की देश में जितने भी टीबी मरीज हैं, उनका विवरण निक्षय पोर्टल पर अवश्य अपडेट होना चाहिए। नियम के मुताबिक यदि कोई भी प्राइवेट चिकित्सक, प्राइवेट अस्पताल, अल्ट्रासाउंड केंद्र, प्राइवेट पैथालाजी इसका पालन नहीं करते हैं तो उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेजा जा सकता है। यही नियम केमिस्टों पर भी लागू होता है/ जिलाधिकारी ने कहा कि किंतु यह बराबर देखने में आ रहा है कि जिले के कई नामी चिकित्सक और प्राइवेट अस्पताल इसमें सहयोग नहीं कर रहे हैं।