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पेयजल किल्लत से जूझ रही 25 हजार आबादी

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भदोही। शहर में पेयजल संकट गहरा गया है। छह वार्डों की तकरीबन 25 हजार आबादी पीने के पानी के लिए मुश्किलों के दौर से गुजर रही है। जर्जर पाइपलाइन से दूषित पेयजल की आपूर्ति हो रही है। नलकूप के सहारे काम चलाया जा रहा है। ज्यादातर हैंडपंप खराब हैं। जो चल भी रहे हैं, उनमें से कई बालूयुक्त पानी उगल रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही बढ़ रही पानी की समस्या को समय रहते दुरुस्त न किया गया तो हालात बिगड़ सकते हैं।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही पेयजल संकट बढ़ने लगा है। नगर के छह वार्ड ऐसे हैं, जहां के लोगों को पानी की समस्या सताने लगी है। नगर पालिका से स्थापित आधा दर्जन सबमर्सिबल पंप भी खराब हैं, जिनकी मरम्मत कराने की जहमत अब तक नहीं उठाई गई। कुछ सबमर्सिबल पंप ऐसे हैं, जिनकी स्थापना के बाद से ही बालू निकलने की शिकायत मिल रही है। कुछ पंप ऐसे हैं, जिनसे एक बूंद पानी नसीब नहीं हो सका है। समस्या के चलते नागरिकों को निजी सबमर्सिबल पंपों भरोसे जीना पड़ रहा है।
नगर के नूरखांपुर में दो सौ मीटर तक पाइपलाइन खराब हो जाने के बाद सड़क खोद कर उसमें सीवर डाल कर सड़क का निर्माण करा दिया गया, लेकिन पाइप लाइन मरम्मत नहीं कराई गई। यहां की पेयजल समस्या इसलिए और बदतर हो गई, क्योंकि वहां लगे पांच में से तीन हैंडपंप खराब हैं। एक का पानी पीने लायक नहीं है, केवल एक हैंडपंप के भरोसे काम चल रहा है। वार्ड सभासद सबीना परवीन ने बताया कि वार्ड में पेयजल के लिए लोग अभी से परेशान हैं। पेयजल के लिए बुनियादी काम किए जाने हैं, जिस पर ध्यान देना होगा।
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घमहापुर वार्ड की भी पेयजल मुख्य समस्या है। यहां पालिका का पाइपलाइन नसीब नहीं हो सका है। वार्ड में दस सरकारी हैंडपंप हैं, जिनमें से छह खराब पड़े हैं। दस हजार की आबादी अभी भी पेयजल के लिए निजी हैंडपंप और सबमर्सिबल पंप के भरोसे हैं। नगर पालिका के दो सबमर्सिबल पंप में एक खराब पड़ा है। सभासद महेंद्र नाथ बिंद ने बताया कि बीते कार्यकाल में उनकी पत्नी सभासद थीं। तब से वे वार्ड की पेयजल समस्या को उठाते आ रहे हैं लेकिन अब तक राहत नहीं मिल सकी है।
मोहल्ला पीरखांपुर वार्ड की आबादी पांच हजार है। यहां चार दशक पुरानी पाइपलाइन है, जिससे दूषित जलापूर्ति होती है। पानी लोगों के काम का नहीं होने से लोग निजी सबमर्सिबल पंपों से पानी लेते हैं। मोहल्ले के अनीस अहमद ने बताया कि तीन साल पूर्व लाखो की लागत से एक सब
मर्सिबल पंप की स्थापना हुई जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई क्योंकि भुगतान हो गया लेकिन लोगों को पानी नसीब नहीं हुआ। तकिया कल्लन शाह में एक हैंडपंप है, जिस पर सैकड़ों की आबादी आश्रित है। अमीन शाह ने कहा कि यहां लंबे समय से एक सबमर्सिबल पंप की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक पूरी नहीं हो सकी है। पश्चिम तरफ, अंबर नीम, रामसहायपुर, गौरियाना मैदान में लगे सबमर्सिबल पंप भी खराब हैं, जिसे ठीक नहीं किया गया तो गर्मी में पानी के लिए मारामारी तय है।
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