फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना जानकारी के ही दे दी सशस्त्र सलामी

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। बड़ागांव क्षेत्र की बुजुर्ग शारदा अग्रवाल के शव को पुलिसकर्मियों ने सशस्त्र सलामी देकर विभाग की तौहीन करा दी। नियम-कानून और मृत व्यक्ति के बारे में कोई जानकारी किए बगैर सशस्त्र सलामी देने का फैसला एक दरोगा ने खुद ही ले लिया। रविवार को ‘अमर उजाला’ में इसकी खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारियों ने बड़ागांव थानाध्यक्ष को फटकार लगाई है। एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज ने क्षेत्राधिकारी बड़ागांव से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों को दंडित किया जाएगा।
विज्ञापन

पुलिस अधिकारियोें की पूछताछ में सामने आया कि सुनी-सुनाई बातों की बिना तस्दीक किए हुए शारदा अग्रवाल के स्वतंत्रता सेनानी होने का विश्वास कर दरोगा उदयभान सिंह तीन सिपाहियों के साथ डॉ. अग्रवाल के घर सशस्त्र सलामी देने पहुंच गए थे। दरोगा ने किसी उच्चाधिकारी से अनुमति नहीं ली थी। दरोगा ने पुलिस लाइन के प्रतिसार निरीक्षक से मणिकर्णिका घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि कराने की बात कहते हुए सलामी गारद भेजने का आग्रह किया था। प्रतिसार निरीक्षक टीपी द्विवेदी ने स्वतंत्रता सेनानी न होने की बात बताते हुए मना कर दिया था। फिर भी दरोगा उदयभान ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
बड़ागांव क्षेत्र के प्रसिद्ध चिकित्सक रहे डॉ. शिवमोहन लाल अग्रवाल की पत्नी और बलदेव शिक्षण संस्थान के चेयरमैन डॉ. एसडी अग्रवाल की मां शारदा अग्रवाल का शनिवार को निधन हो गया था। सूचना पाकर एसडीएम पिंडरा नागेंद्र नाथ यादव सहित कई अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग शोक संवेदना जताने पहुंचे। इसी दौरान पहुंचे दरोगा उदयभान सिंह और तीन सिपाहियों ने शारदा अग्रवाल के शव को राजकीय सम्मान की तरह सशस्त्र सलामी दी। सशस्त्र सलामी देने के नियमों का पालन न किए जाने से भी विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि एक जनप्रतिनिधि से इस परिवार के अच्छे संबंधों के कारण ऐसा किया गया। प्रशासनिक अधिकारी भी इसी लिहाज से शोक संवेदना जताने पहुंचे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें