वाराणसी। कपड़े पर पांच प्रतिशत जीएसटी के विरोध में मंगलवार को भी कारोबारियों की बंदी जारी रही। थोक कपड़े की दुकानों पर ताला लटका रहा। फुटकर दुकानें कहीं बंद तो कहीं खुली रहीं। जरी कारोबारी और कलाबत्तू कारोबारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे। करीब 200 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ। मंगलवार को बुनकर भी बंदी में शामिल हो गए। उन्होंने शुक्रवार तक मुर्री बंद का एलान किया है। साड़ी कारोबारियों ने कहा कि आंदोलन लंबा खिंचेगा। यदि ऐसा हुआ तो तीनों एसोसिएशन की ओर से बुनकरों के भोजन का इंतजाम किया जाएगा।
बुनकर बिरादराना तंजीम की ओर से घोषित मुर्री बंद के पहले दिन बुनकर इलाकों के पावर लूम, हथकरघा के साथ ही चायपान की दुकानें भी बंद रहीं। बुनकर बिरादराना तंजीम बाइसी के सदस्यों ने बुनकर मार्केट में धरना दिया। बड़ी बाजार बुनकर मार्केट और मदनपुरा में नुक्कड़ सभाएं हुईं। बाइसी के सरदार हाजी कलाम, चौदहों के सरदार मकबूल हसन, बावनी के सरदार हाजी मुख्तार महतो ने बुनकरों से अपील की कि जीएसटी के विरोध में एकजुट रहें। संचालन अतीक अंसारी और धन्यवाद ज्ञापन इशरत उस्मानी ने किया।
बनारस वस्त्र उद्योग एसोसिएशन और बनारस साड़ी डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि बंद सफल रहा। संयुक्त बैठक में राजन बहल, हरिमोहन शाह, विजय कपूर, देवेंद्र मोहन पाठक, अतीक अंसारी, हाजी रहीम, हाजी जियाउद्दीन, गौतम टंडन, रविशंकर तिवारी, बॉबी ब्रिज, संजय आदि मौजूद रहे। बंदी से चौक क्षेत्र में लक्खी चौतरा, रानी कुंआ, नंदन साहू लेन, सत्ती चौतरा, कुंज गली, ठठेरी बाजार में साड़ी की दुकानों के शटर गिरे रहे। बड़ी बाजार, यूसमानपुरा, हनुमान फाटक, छित्तनपुरा, सलारपुरा, मदनपुरा, लोहता आदि इलाकों में भी दुकानें बंद रहीं।
लोहता मे मुर्री बंद का व्यापक असर
जीएसटी के विरोध में मंगलवार को मुर्री बंद का व्यापक असर रहा। हथकरघे और पावरलूम नहीं चले। साड़ी की दुकानें बंद रहीं। मंगलपुर, कोटवा, लोहता, हरपालपुर, धन्नीपुर, महमूदपुर में हथकरघे और पावरलूम नहीं चले। लोहता में रोज लगने वाली साड़ी की मंडी भी बंद रही। गद्दीदारों ने दुकानों का शटर नहीं उठाया। लोहता व्यापार मंडल के अध्यक्ष सेराज अहमद ने बताया की जब तक मांगों पर सरकार विचार नहीं करेगी, बंद का समर्थन रहेगा। इस दौरान शंभू साव, निजाम, हैदर महतों, जब्बार सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कैडर रिव्यू को लेकर अधिकारियों का प्रदर्शन
वाराणसी। जीएसटी लागू होने के बाद कैडर रिव्यू न होने से नाराज अधिकारियों ने लगातार 11वें दिन मंगलवार को भी विरोध जारी रखा। चेतगंज स्थित वाणिज्य कर कार्यालय पर नारेबाजी भी की। अधिकारियों का कहना था कि जीएसटी एक जुलाई से लागू है लेकिन राज्य कर अधिकारियों का कैडर पुनर्गठन नहीं किया गया है। उत्तर प्रदेश वाणिज्य कर सेवा संघ के महासचिव बृजेश कुमार दीपांकर, एडिशनल ग्रेड 1 कमलेश प्रकाश, एके गोयल, ज्वाइंट कमिश्नर ओपी पांडेय, वीके शुक्ला, असिस्टेंट कमिश्नर आइसी शर्मा, सीमा सरोज, रवि शर्मा, मोदी लाल आदि उपस्थित रहे।