वाराणसी। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की दसवीं पुण्यतिथि पर शनिवार को काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ सभागार में ‘सरकार : मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ पर संगोष्ठी हुई। मुख्य वक्ता वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश ने कहा कि चंद्रशेखर धारा के विपरीत चलने वाले व्यक्ति थे। कांग्रेस में रहते हुए भी कांग्रेस की आलोचना करने का माद्दा उनमें था। उन्होंने सार्वजनिक मंच से मोरारजी देसाई सरकार की अर्थ नीति का विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने हिसाब से मीडिया का इस्तेमाल किया, चाहे वो इंदिरा गांधी की सरकार रही हो या फिर मोदी की। सपा नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि चंद्रशेखर के बाद समाजवादी सोच का दूसरा नेता पैदा नहीं हुआ। पूर्व पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता जरूरी है। लोकतंत्र की परिकल्पना इसके बिना व्यर्थ है। अध्यक्षता ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने की। विजय नारायण, राजनारायण यादव, ओपी सिंह, सुरेंद्र पटेल, राम किशुन, रीबू श्रीवास्तव, सुरेश सिंह, हिमांशु सिंह, पीयूष यादव आदि ने चंद्रशेखर जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संचालन प्रदीप श्रीवास्तव ने किया।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने अर्दली बाजार स्थित जिला एवं महानगर कार्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री को जननायक बताया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव एवं संचालन जिला महासचिव डॉ. रमेश राजभर ने किया। मुख्य वक्ता महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल थे एवं आभार महानगर महासचिव जितेंद्र यादव ने किया। पूर्व विधायक राजनाथ यादव, महेंद्र पटेल, प्रदीप जायसवाल, डॉ. उमाशंकर यादव, इस्तकबाल कुरैशी, कन्हैया राजभर, भीष्मनारायण यादव आदि मौजूद थे।