वाराणसी। गुरु पूर्णिमा पर जगद्गुरु रामानंदाचार्य की पीठ पातालपुरी में 151 मुस्लिमों को दीक्षा दी गई। मुस्लिम महिलाओं ने पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज उतारकर रिश्तों की एकता का संदेश पूरी दुनिया को दिया। बृहस्पतिवार को पातालपुरी मठ भारत की महान गुरु परंपरा का गवाह बना। 151 मुस्लिमों ने गुरुदीक्षा लेकर देश के लिए जीने की शपथ ली।
जगद्गुरु बालक देवाचार्य महाराज ने कहा कि रामपंथ एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण है जिससे लोगों में दया, प्रेम, करुणा, शांति, लोक कल्याण की भावना विकसित की जाती है। अखंड भारत भूमि पर रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति डीएनए, पूर्वज, परम्परा, संस्कृति से एक ही है। उसको अलग नहीं किया जा सकता। रामपंथ में सबका स्वागत है। किसी को न मना किया जा सकता है और न किसी से कोई भेद किया जा सकता है।
दीक्षा पाकर शहाबुद्दीन तिवारी, मुजम्मिल, फिरोज, अफरोज, सुल्तान, नगीना, शमशुनिशा बहुत खुश थे। इस अवसर पर रामपंथ के पंथाचार्य डॉ. राजीव श्रीगुरुजी, रामाचार्य ज्ञान प्रकाश, धर्म प्रवक्ता डॉ. कवीन्द्र नारायण, डॉ. अर्चना भारतवंशी, डॉ. नजमा परवीन, आभा भारतवंशी, डॉ. मृदुला जायसवाल, फिरोज पांडेय मौजूद रहे।