सवा 11 लाख पार्थिव शिवलिंग का महारुद्राभिषेक और पूजन बृहस्पतिवार को अस्सी स्थित श्रीरामजानकी मठ में शुरू होगा। इस उपलक्ष्य में बुधवार को मठ से गाजेबाजे के साथ कलश यात्रा निकाली गई। 150 महिलाएं सिर पर कलश लेकर प्रभु के जयकारे लगाते हुए चल रही थीं। बग्गी और वाहनों पर संत सवार थे। बटुक और श्रद्धालु हर हर महादेव उद्घोष लगाते हुए चल रहे थे। मार्ग में जगह-जगह स्वागत हुआ।
पीठाधीश्वर माधवाचार्य के सानिध्य और मठ के महंत रामलोचन दास की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा अस्सी, भदैनी व गोदौलिया होते हुए यात्रा काशी विश्वनाथ मंदिर गेट नंबर चार पर पहुंची। यहां बाबा विश्वनाथ का पूजन हुआ। शोभायात्रा में जगद्गुरु संतोषाचार्य, रामबालकाचार्य, हनुमान टेकरी मुंबई के महंत रामचंद्रदास, दाऊजी मंदिर गुजरात के श्रीनिवास महाराज, राजेंद्र देवाचार्य, हनुमानदास, सियावल्लभ शरण, रामअभिलाष, श्रवण दास, पं. सचिन शर्मा, अनुराग, विजय दास आदि शामिल रहे। रामलोचन दास ने बताया कि प्रतिदिन सुबह आठ बजे से पार्थिव शिवलिंगों का महारुद्राभिषेक और पूजन होगा।