जखनिया। क्षेत्र के किसानों को सरकारी गोदामों से खाद-बीज कृषि यंत्र का पूरा दाम देकर खरीदने में भी अब डर लग रहा है। वजह महीनों बाद भी किसानों को छूट की धनराशि नहीं मिल पा रही है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है।
शासन का आदेश है कि किसान सरकारी गोदामों से पूरे मूल्य पर कृषि संबंधी खाद, बीज, कृषि यंत्र खरीदें। सरकारी सब्सिडी की धनराशि बैंक खाते में सीधे दी जाएगी लेकिन कर्मचारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी विशिष्ट किसान का दर्जा प्राप्त हरिनाथ सिंह को माह नवंबर में गेहूं बीज, खाद 11 हजार नगद लेकर दी गई। सब्सिडी की धनराशि सीधे खाते में एक माह के अंदर भेजने का आश्वासन भी दिया गया लेकिन आठ माह बाद भी छूट में मिलने वाली धनराशि अब तक किसानों के खाते में नहीं पहुंची। किसान हरिनाथ सिंह ने बताया की छूट की राशि लेने के लिए तहसील दिवस में शिकायत करने के बाद जिलाधिकारी की तरफ से जिला कृषि अधिकारी को जांच का आदेश दिया गया।
जिला कृषि अधिकारी ने गोदाम इंचार्ज को भुगतान करवाने का आदेश दे दिया लेकिन किसानों को आठ माह बाद भी भुगतान नहीं मिला। यही कारण है कि अब किसानों को सरकारी गोदामों से छूट का लाभ पाने से मोह भंग होने लगा है। संबंधित किसानों ने अपनी छूट की धनराशि अविलंब खाते में उपलब्ध कराने की मांग की है।