वाराणसी। लोकसभा में पास कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट का चिकित्सकों ने शुक्रवार को सांकेतिक विरोध किया। चिकित्सकों ने चार जनवरी को ऑल इंडिया प्रोटेस्ट डे मनाया। इसी क्रम में शुक्रवार को आईएमए लहुराबीर में आयोजित प्रेसवार्ता में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक राय ने बताया कि कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट न तो देश के हित में है, न जनता के और न ही चिकित्सा क्षेत्र के हित में। अगर ये बिल लागू हो गया तो छोटे अस्पताल बंद होने की कगार पर आ जाएंगे।
सचिव डॉ. मनीषा सिंह ने बताया कि मुआवजे की राशि दस लाख से बढ़ाकर एक करोड़ कर दी गई है। इसके अलावा इस एक्ट के तहत कमीशन में न तो किसी न्यायाधीश को रखा जाएगा और न ही किसी मेडिकल एक्सपर्ट को जो कि बिल्कुल गलत है। चिकित्सक डर-डर के काम करेगा। डॉ. बीएस पांडेय ने मांग की कि सीपीए से मेडिकल प्रोफेशन को अलग रखा जाना चाहिए। कहा कि इस बिल का हम पुरजोर विरोध कर रहे हैं। अगर सरकार ने इस एक्ट में सुधार नहीं किया तो चिकित्सक आंदोलन को मजबूर होंगे। सीपीए के साथ ही नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का भी विरोध किया जा रहा है।