ज्ञानपुर। बार-बार मौसम के बदलाव के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। गर्मी और उमस के बीच संक्रामक बीमारियां तेजी से पांव पसार रही हैं। यही वजह है कि बुधवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में मरीज पहुंचे। अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में 850 से अधिक मरीजों ने इलाज कराया, जबकि दोपहर बाद तक 70 मरीज इमर्जेंसी में भर्ती कराए गए।
गर्मी का असर सेहत पर पड़ने लगा है। उल्टी-दस्त, पेट दर्द और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। सामान्य दिनों में जिला अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या 25 से 30 होती है लेकिन बुधवार को 70 पहुंच गई। यही नहीं, ओपीडी में भी ढाई गुना से ज्यादा मरीजों न इलाज कराया। जिला अस्पताल की ओपीडी में 850 पर्चियां कटवाई गईं जबकि लगभग 400 पुराने मरीजों का उपचार किया गया। तापमान में उतार-चढ़ाव और बेतहाशा गर्मी के कारण लोग बुखार, डायरिया और हीट स्ट्रोक के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में चकसिखारी की अंजनी (4), नसारी के कन्हैया (22), लखनो निवासी शीला (45), उमरिया की फुलगेना (26), महुआपुर निवासी विक्की (35), चकसुंदरपुर की सुशीला (23), भगवानपुर की रहने वाली किरन (25), अछवर निवासी प्रभावती (32) समेत 70 मरीजों को भर्ती कराया गया। इसी तरह निजी अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ लगी रही। जिले के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मी में संक्रामक बीमारियों को पांव पसारने का मौका आसानी से मिलता है। ऐसे मौसम में ताजा खाना और स्वच्छ पानी का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा धूप और लू से बचाव करना चाहिए। लापरवाही के कारण कालरा हो सकता है।