रामनगर । पालिकाध्यक्ष के विरोध की मुहिम में जुटे सभासदों का यू टर्न गुरुवार क देखने को मिला। इससे अब पालिका प्रशासन की राहें काफी आसान हो गई हैं। गुरुवार को जब मिनी सदन की बैठक हई तो आगामी वित्तीय वर्ष 2018- -2019 का अनुमानित आय व्यय का बजट बिना किसी चर्चा बहस के 2 मिनट में पास हो गया। सभासदों ने किसी भी मुद्दे पर बहस करने की जहमत नहीं उठाई।
कोरम पूरा होने के बाद अपराहन साढ़े तीन बजे बैठक आरम्भ हुई। पालिका की ओर से 27 करोड़ 88 लाख की आय और उतने ही व्यय का अनुमानित बजट मिनी सदन के अनुमोदन के लिए पटल पर रख गया। इसमें गृह कर से संभावित 12 लाख की आय भी शामिल थी। हर बार की तरह इस बार भी आम राय बनी की गृहकर से संभावित आय को बजट प्रावधान से हटा कर बजट पास कर दिया जाय।
बता दें कि रामनगर पालिका प्रदेश की उन चंद गिनी चुनी पालिकाओं में है जहां गृहकर नहीं लिया जाता। जबकि पालिका के लिए यह बड़ी आय का स्रोत हो सकता है। बहरहाल इस मुद्दे पर सभी सभासद एक मत थे । लिहाज़ा बिना किसी चर्चा के बजट को हरी झंडी दिखा दी गई। हालांकि इसके बाद बीजेपी सभासद संतोष शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं की ओर से सभासदों पर लगाए गए आरोपो का हवाला देते हुए एकजुट होने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा पालिका में रखे असेसमेंट की जर्जर दस्तावेजों में पन्ने जोड़ने का सुझाव दिया गया । लेकिन इसे मिनी सदन की कार्यवाही में दर्ज नहीं किया गया। इसी के साथ बैठक समाप्त कर दी गई। बैठक में पालिकाध्यक्ष रेखा शर्मा, ईओ अमिता सिंह के अलावा संतोष शर्मा, मणिशंकर शर्मा, राजू सोनकर ,मनोज यादव , अशरफ राजनीतिक, आशिया बेगम, अशोक अग्रसर, रंजना गुप्ता, रंजना भारती,, मुन्ना निषाद , रंगनाथ सोनकर विशाल जायसवाल ,रितेश पाल समेत 24 सभासद उपस्थित थे।