वाराणसी। रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार मिलने की जानकारी मिलते ही तानिया दत्ता की खुशियों का ठिकाना नही रहा। बुधवार दोपहर जिला प्रशासन की ओर से सूचना मिलते ही दत्ता सिस्टर्स ने सबसे पहले ‘अमर उजाला’ के साथ खुशियां साझा की। कहा-‘अमर उजाला’ ने उनकी बहादुरी से समाज को रूबरू कराया। इसी वजह से तीनों बहनों को समाज में नई पहचान और सम्मान मिल रहा है।
तीनों बहनों के साथ लखनऊ जाने से पहले तैयारी में जुटी तानिया ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी खुद पर भरोसा रखना चाहिए। कभी किसी के सामने डरना या झुकना नहीं चाहिए और गलत का विरोध पूरे दमखम के साथ करना चाहिए। पुरस्कार में मिलने वाले एक लाख रुपये का क्या करेंगी? तानिया ने कहा कि पुरस्कार की राशि पर हम तीनों बहनों का समान हक है। एक लाख रुपये को हम लोग अपनी पढ़ाई पर खर्च करेंगे।
तानिया ने बताया कि दिसंबर में लखनिया दरी में बदमाशों से जूझने के दौरान उसके सिर पर चोट आ गई थी। फिर चोट लगने से तबीयत खराब रही और वह इंटरमीडिएट की परीक्षा नहीं दे पाई। कहा कि, हालांकि वह निराश नहीं है। इस साल ज्यादा अच्छे से तैयारी कर परीक्षा देगी।