वाराणसी। श्री हरिश्चंद्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों के दाखिले में में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ है कि 34 छात्र-छात्राओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारीजन होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर प्रवेश लिए हैं। सबसे ज्यादा सात दाखिले एलएलबी में हुए हैं। स्वतंत्रता सेनानी के परिवारीजन होने का प्रमाण पत्र केवल जिलाधिकारी कार्यालय से जारी होता है। जिलाधिकारी कार्यालय से इन 34 में से किसी का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। फर्जी एडमिशन कराने वाले छात्रों के अलावा प्राचार्य भी कार्रवाई के घेरे में हैं।
हरिश्चंद्र महाविद्यालय छात्रसंघ के निवर्तमान महामंत्री शुभम कुमार सेठ ने नौ अक्तूबर को डीएम योगेश्वर राम मिश्र से कॉलेज के विभिन्न पाठ्यक्रमों में फर्जी तरीके से एडमिशन होने की शिकायत की थी। आरोप था कि 39 छात्रों के दाखिले स्वतंत्रता सेनानी के परिवारीजन होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर कराए गए हैं। कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्य पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्होंने जांच की मांग की थी। डीएम ने मामले की जांच सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. विश्राम को दी। सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित 39 छात्रों केे दाखिले से जुड़े अभिलेख अपने कार्यालय में तलब किए। जांच में 34 छात्रों के स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारीजन होने के प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। यही नहीं, 34 में से नौ छात्रों को तो स्वतंत्रता सेनानी के परिवारीजन होने का प्रमाण पत्र नहीं लगाने के बावजूद उन्हें इस कोटे से एडमिशन दे दिया गया। सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम के निर्देश पर एडीएम सिटी वीरेंद्र पांडेय ने कॉलेज के प्राचार्य सोहन लाल यादव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।