वाराणसी। चेक के जरिये जालसाजी कर बैंक खाते से रुपये उड़ाने वाले अंतर जनपदीय गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है। पांचों के पास से 70 हजार रुपये, प्रिंटर, तीन चेकबुक, मुहर, चार मोबाइल और एक बाइक बरामद कर जेल भेज दिया गया। पांचों की शिनाख्त मिर्जापुर के कछवा के गड़ौली के आनंद सिंह उर्फ मोहित, महावलपुर के आलोक सिंह उर्फ रीशू, केवटान कछवा बाजार के इम्तियाज हाशमी, जौनपुर के चंदवक के आलोक सिंह और भदोही के नई बाजार के श्यामजी गुप्ता के तौर पर हुई है।
क्षेत्राधिकारी दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी ने चौक थाने में पत्रकारों को बताया कि गिरफ्त में आए अभियुक्त बैंकों में मौजूद रहते थे। जब कोई ग्राहक अपने चेक का विवरण जमा पर्ची के साथ भरता था तो चालाकी से बात करते हुए उसकी फोटो खींच लेते थे। इसके बाद वाट्सएप से चेक की तस्वीर को गिरोह के तकनीकी विशेषज्ञ के पास भेज देते थे। तकनीकी विशेषज्ञ वास्तविक चेक के एकाउंट नंबर, नाम और हस्ताक्षर को फोटोशॉप के माध्यम से दूसरे चेक पर अंकित कर देता था। इस तरह से इस गिरोह ने अब तक 35 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया है। इस गिरोह की जानकारी मुखबिर से मिलने पर इंस्पेक्टर चौक अशोक कुमार सिंह ने अपनी टीम के एसआई घनश्याम शुक्ला व रामसजन यादव सहित अन्य के साथ घेरेबंदी पर पांचों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी पर एसएसपी ने पांच हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है।