मिर्जापुर। निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की जेल में लगे शिविर में गुरुवार को एक बार फिर स्वास्थ्य जांच कराई गई। जबकि जेल और जिले में हृदय रोग का डॉक्टर नहीं होने के कारण वह वाराणसी जेल भेजे जाने की मांग कर रहा है। जेल प्रशासन का मानना है कि अगर एआरटीओ बीमार है तो उनका इलाज जेल के चिकित्सालय में होगा। डाक्टरों की सलाह हुई तो उन्हें बड़े चिकित्सालयों में भी भेजा जाएगा।
विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम वाराणसी की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बीमारी का हवाला देते हुए वाराणसी जेल में स्थानांतरित करने की गुहार लगाने वाले निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की जेल अधीक्षक ने गुरुवार को जेल में लगे कैंप में फिजिशियन डा. प्रदीप कुमार व चेस्ट फिजिशियन डा. केपी श्रीवास्तव से जांच कराई। कैंप में कुल 106 बंदियों के हड्डी, चेस्ट, बुखार, आंख, कान से संबंधित जांच की गई।
आरएस यादव को वाराणसी जेल प्रशासन द्वारा सुख सुविधा मुहैया कराने की शिकायत मिलने पर मिर्जापुर जेल स्थानांतरित किया गया था। गत दिनों पेशी के दौरान आरएस ने विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम वाराणसी की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह उच्च रक्तचाप और अन्य कुछ बीमारियों से पीड़ित है। उधर, जेल प्रशासन के अनुसार अभी तक आरएस यादव ने जेल प्रशासन से बीमारी के बारे में ऐसी कोई बात नहीं बताई है।
निलंबित एआरटीओ आरएस यादव ने किसी गंभीर बीमारी के बारे में मुझे नहीं बताया है। जेेल में मौजूद चिकित्सालय के डॉक्टर से वह इलाज करा सकता है। अगर जरूरत होगी तो बाहर के अस्पताल भी ले जाया जाएगा।
अनिल राय, जेल अधीक्षक।