वाराणसी। संगीत के शहर में सोमवार को शहनाई के जादूगर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को उनकी 11वीं पुण्यतिथि पर याद किया जाएगा। संगीत प्रेमी हों या साहित्य, कला, राजनीति के पुरोधा, सभी उस्ताद को श्रद्धा-सुमन अर्पित करने के लिए उनके मकबरे पर पहुंचेंगे। उस्ताद के मकबरे पर सभी धर्मों के लोग नमन करेंगे। वहां हनुमान चालीसा का पाठ भी होगा और दुआख्वानी भी।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां शहनाई एकेडमी की ओर से दरगाहे फातमान पर उस्ताद की पुण्यतिथि मनाई जाएगी। उस्ताद के पुत्र उस्ताद जामिन हुसैन खां ने बताया कि फूलों की चादर मकबरे पर चढ़ाई जाएगी। उस्ताद की मानस पुत्री ठुमरी गायिका पद्मश्री डॉ. सोमा घोष कहती हैं कि उन जैसी सहजता और सुरों की गमक कहीं नहीं मिलती। उनकी स्मृति में शहनाई एकेडमी की स्थापना जल्द होनी चाहिए।