आशा गुप्ता ने बताया कि कोरोना से बचने के लिए जब मेडिकल स्टोरों पर मास्क नहीं मिला तो लॉकडाउन के दौरान अपने घर में ही रहकर मास्क बनाने का निर्णय लिया। अब समूह की काफी संख्या में महिलाएं मास्क बना रही हैं। जिसका परिणाम सामने है। अब तो मनरेगा के तहत चल रहे काम में लगे मजदूरों को भी उनके बनाए मास्क को वितरित किया जा रहा है।
ग्राम्य विकास विभाग द्वारा उजाला प्रेरणा महिला संगठन असनहर से जुड़ी समूह की महिलाओं ने कोरोना जैसे महामारी में लाक डाउन के तयदौरान 14000 मास्क बनाकर जिला मुख्यालय को सौंपे, जो एक मिशाल बना।