उधर, जलसे में शिरकत कर लौटे 14 लोग भदोही के मरकजी कमेटी के गेस्ट हाउस में रह रहे थे। इनमें 11 बांग्लादेशी, एक असम का और दो पश्चिम बंगाल के नागरिक हैं। सभी बांग्लादेशी 24 फरवरी को बांग्लादेश से चले थे। 27 फरवरी को दिल्ली पहुंचे। तीन मार्च तक दिल्ली मरकज के जलसे में रहे। चार मार्च को ट्रेन से ज्ञानपुर रोड स्टेशन पहुंचे।
उसी दिन कार से भदोही जमात में शामिल होने के लिए आए। इन सभी के पास टूरिस्ट वीजा है। एक ही कमरे में बंद होकर रहने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मंगलवार को दरवाजा खुलवाकर इन लोगों की जांच कराई। लेकिन, कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। फिर भी सभी को क्वारंटीन कर दिया गया है। एसपी रामबदन सिंह का कहना है कि जांच कराई जा रही है कि यहां वे सूचना देकर रह रहे थे या इसी तरह। अगर बिना सूचना के रह रहे होंगे तो कार्रवाई की जाएगी।
धार्मिक जलसे में वाराणसी के 16 लोग शामिल हुए थे। ये लेढूपुर, चौबेपुर, भेलूपुर क्षेत्र सहित अलग-अलग स्थानों के रहने वाले हैं। इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ ही स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) अलर्ट मोड पर है। यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं कोई जलसे में शामिल होने के बाद चुपचाप घर में तो नहीं रह रहा है।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि जलसे में शामिल होने वाले जिले के पांच लोगों की सूची मिली है। पुलिस उनके संपर्क में है। फिलहाल अब तक कोई बनारस नहीं आया है। वापस आते ही उनकी चिकित्सकीय जांच कराई जाएगी। यदि कोई चुपचाप घर में मौजूद मिला या इससे संबंधित किसी भी किस्म की सूचना छुपाई तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।