वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में एक जनवरी से जेनेरिक दवा की बिक्री शुरू करने से पहले मरीजों को इस बारे में जागरूक किया जा रहा है। ऐसा इसलिए ताकि मरीजों को जेनेरिक दवा के प्रयोग, ब्रांडेड दवा और इसके बीच के अंतर, महत्ता आदि के बारे में जानकारी मिल सके। 30 दिसंबर तक चलने वाले इस जागरूकता कार्यक्रम की शुरूआत गुरुवार को हुई।
जेनेरिक दवा को लेकर योजनाएं तो बहुत चलाई जाती हैं लेकिन इसकी मानीटरिंग न होने की वजह से मरीजों को लाभ नहीं मिल पाता है। इसके लिए जेनेरिक दवाएं लिखे जाने के साथ ही अस्पताल में ही इसे उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। गुरुवार को ओपीडी के बाहर कैंप लगाकर चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विजयनाथ मिश्र और चिकित्सकों ने मरीजों को ब्रांडेड दवा और जेनेरिक दवा के दाम में कमी, इसके महत्व के बारे में बताया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि एक जनवरी से अस्पताल में अमृत फार्मेसी, उमंग फार्मेसी के मुख्य काउंटर और हर मंजिल पर बने काउंटरों पर पर्याप्त मात्रा में जेनेरिक दवाएं मौजूद रहेंगी। इस दौरान उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आनंद श्रीवास्तव, नर्सिंग अधीक्षक सुशील कुमार पांडेय आदि मौजूद थे।