वाराणसी। कलेक्ट्रेट में तोड़फोड़ के आरोप में दीवानी कचहरी के सौ अधिवक्ताओें के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ न्यायालय के पेशकार जितेंद्र कुमार गौड़ की तहरीर पर की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी अधिवक्ताओं को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस मामले में कुछ कहने या बताने से पुलिस अधिकारी कतराते नजर आए।
कलेक्ट्रेट के पश्चिमी गेट के समीप रखी चौकियों को बगैर जानकारी दिए हटाए जाने का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने 19 नवंबर को कलेक्ट्रेट परिसर में जमकर उपद्रव किया था। इस दौरान अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ न्यायालय में आलमारी और कुर्सी-टेबल पलट कर तोड़फोड़ की गई थी। इसके साथ ही डीएम आफिस की चटाई फाड़ कर गमले तोड़ दिए गए थे। साथ ही, कुछेक अन्य कार्यालयों के कुर्सी-टेबल भी पलट दिए गए थे। इसे लेकर अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ कार्यालय के पेशकार की तहरीर पर सौ अज्ञात अधिवक्ताओं के खिलाफ बलवा, धमकाने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
बार का चुनाव नजदीक, नहीं होना चाहिए टकराव
बनारस और सेंट्रल बार एसोसिएशन के वार्षिक चुनाव की तिथियां नजदीक हैं। अधिवक्ताओं के अनुसार दिसंबर महीने के दूसरे और तीसरे हफ्ते मेेें बनारस और सेंट्रल बार एसोसिएशन का चुनाव होगा। इस वजह से इन दिनों दीवानी कचहरी परिसर का माहौल चुनावी है और अधिवक्ता उत्साह में भी हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसे समय में पुलिस-प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच टकराव की स्थिति नहीं पैदा होनी चाहिए। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियोें और वरिष्ठ अधिवक्ताओं को सामंजस्य स्थापित कर चौकियां हटवाने के मामले का समाधान कराना चाहिए।