वाराणसी। बीएचयू में 24 सितंबर को सर सुंदरलाल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर और एक मरीज के परिजन के बीच मारपीट के बाद बवाल का कारण जानने के लिए गठित फैैक्ट फाइडिंग कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में मरीज के परिजनों को मारपीट के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें रेजिडेंट डाक्टरों को करीब-करीब क्लीनचिट दे दी गई है। साक्ष्यों के रूप में घटना की जगह की सीसी फुटेज और बयानों का हवाला है।
आईएमएस प्रशासन की ओर से माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एक प्रोफेसर को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी, उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में अपनी सीलबंद रिपोर्ट दे दी है। सूत्रों की माने तो इस रिपोर्ट में मारपीट के दिन की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मरीज के परिजन को जिम्मेदार ठहराया गया है। अब चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में जो फैक्ट फाइडिंग की रिपोर्ट पहुंची है, उसमें वार्ड की घटना का विस्तृत ब्योरा होने के साथ ही परिजनों को दोषी बताते हुए इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने का सुझाव भी दिया गया है। अब इसे कार्रवाई के लिए निदेशक के पास भेजा जाएगा।
अस्पताल में 24 सितंबर को फिमेल सर्जरी वार्ड में भर्ती एक महिला के परिजन और रेजिडेंट डॉक्टर के बीच वार्ड में मारपीट हुई थी। इसके बाद परिसर में पूरी रात मेडिकल छात्रों और कला संकाय के छात्रों के बीच मारपीट, पत्थरबाजी, आगजनी हुई थी और अगले दिन से रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।
नर्सिंग स्टाफ को सावधानी बतरने की सलाह
अस्पताल में तैनात नर्र्सिंग स्टाफ को कामकाज के प्रति सावधानी बरतने को कहा गया है। सूत्रों की मानें तो अस्पताल में हाल ही में तैनात नर्सिंग स्टॉफ के इमरजेंसी, वार्ड सहित अन्य जगहों पर कामकाज को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाने के साथ ही इसकी शिकायत भी की थी। इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश पर आनन फानन में डॉक्टर्स लाउंज में वरिष्ठ नर्सिंग आफिसरों की बैठक बुलाई गई और उनसे नर्सिंग स्टाफ के कामकाज की सही तरीके से मानीटरिंग करने और इसमें सावधानी बरतने का निर्देश देने को कहा गया।
कल बंद रहेगी ओपीडी,नहीं होगा ऑपरेशन
बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल और ट्रामा सेंटर में 19 अक्तूबर को दशहरा के उपलक्ष्य में ओपीडी बंद रहेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इसका आदेश जारी कर दिया गया है। इस दिन ऑपरेशन भी ठप रहेंगे, केवल इमरजेंसी सेवाएं पूर्व की भांति चलती रहेंगी।
प्रो.एमके सिंह बने क्षेत्रीय नेत्र संस्थान के प्रमुख
विश्वविद्यालय में खुलने वाले क्षेत्रीय नेत्र रोग संस्थान का डिजाइन फाइनल होने के बाद अब इसमें तैनाती भी शुरू हो गई है। नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर एमके सिंह को संस्थान का प्रमुख बनाया गया है। कुलपति के निर्देश पर अगले आदेश तक प्रो. सिंह संस्थान से जुड़े कार्यों का देखरेख करेंगे।