भदोही। मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका आश्रम में बलात्कार कांड के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) से जुड़ी महिलाओं ने भदोही तहसील में धरना प्रदर्शन किया। महिलाओं का कहना था कि इस सरकार में महिलाओं को सुरक्षित बताया जा रहा हो वहां बलात्कार की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं। इसी से देश भर में महिला सुरक्षा की स्थिति का आंकलन किया जा सकता है। महिलाओं ने नीतीश सरकार से इस्तीफा मांगा। आंदोलन की अध्यक्षता कर रही कबूतरा देवी ने कहा कि देश में कागजी घोषणाएं हो रही हैं। कहीं स्मार्ट सिटी बनाए जा रहे हैं तो कहीं बुलेट ट्रेन का सपना दिखाया जा रहा है। इस सरकार के लिए घोषणा ही सबकुछ होकर रह गई है। जबकि महिलाओं पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है। बिहार में बलात्कार कांड की लीपापोती में प्रदेश सरकार लग गई है। वह इसलिए कि इसमें प्रदेश के कई मंत्री और अधिकारियों के नाम आएंगे। वक्ताओं ने कहा कि खुद भाजपा के नेता महिलाओं के साथ अभद्रता कर रहे हैं। कई मामलों में तो भाजपा के लोग बलात्कार की घटनाओं में लिप्त पाए गए हैं।
महिलाओं ने कहा कि बिहार में 41 महिलाओं के बलात्कार मामले से मानवता शर्मसार हुई है। भाजपा सरकार में महिलाएं अपना आबरू बचाने में लगी हैं, लेकिन सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग और जनप्रतिनिधि के कान पर जूं नहीं रेंग रहा है। इस दौरान बिहार के समाज कल्याण मंत्री द्वारा महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी को घिनौना बताया गया। अंत में उपजिलाधिकारी यमुनाधर चौहान को बिहार सरकार की बर्खास्तगी की मांग करने वाला पत्रक सौंप कर आंदोलन समाप्त किया गया। धरना में अनिता देवी, रामगेना गौतम, शकुंतला देवी, कुमारी, प्रमिला गौतम, फूला बिंद, विमला देवी, शांति देवी, मालती देवी आदि उपस्थित रहीं।