वाराणसी। काशी में गंगा के जलस्तर में मामूली बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। केंद्रीय जल आयोग की आंकड़ों के अनुसार बुधवार की सुबह गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बरसात के कारण जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो साल दर साल गंगा के जलस्तर में गिरावट सामने आ रही है। बुधवार को सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 57.77 मीटर दर्ज किया गया है। वहीं मंगलवार को यह 57.76 मीटर पर था। 2015 में गंगा का न्यूनतम जलस्तर 58.67 मीटर था, जबकि 2016 में गंगा का जलस्तर 58.52 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। 2017 में ये घटकर 58.27 मीटर रह गया, जबकि 24 अप्रैल 2018 को वाराणसी में गंगा का जलस्तर आठ सालों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया और यह 58.1 मीटर रिकॉर्ड हुआ। अब यह रिकॉर्ड भी टूट गया है। 22 मई 2018 को केंद्रीय जल आयोग ने गंगा का जलस्तर 57.84 मीटर रिकॉर्ड किया था जो पिछले साल इसी तारीख को 58.33 मीटर दर्ज किया गया था। प्रवाह थमने के कारण बढ़ते प्रदूषण से स्थितियां ऐसी हैं कि अधिकतर घाटों पर जल आचमन और स्नान योग्य भी नहीं रह गया है।