वाराणसी। पैसे लेकर मान्यता देने की शिकायत पर गुरुवार को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र बीएसए कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने मान्यता से जुड़ी फाइलें खंगालीं। अनियमितताओं पर दो बाबुओं राजेश्वर और जितेंद्र श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। बेसिक शिक्षा अधिकारी को भी जमकर फटकार लगाई। जिन बाबुओं के खिलाफ शिकायत थी, उनसे अपनी मौजूदगी में ही मान्यता के एवज में लिए गए 25 हजार रुपये पैसे वापस कराए।
दरअसल, एक दिन पहले ही डीएम को शिकायत मिली थी कि मान्यता के नाम पर बीएसए कार्यालय में पैसों का खेल चल रहा है। बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान एक स्कूल संचालक ने यह मामला डीएम के संज्ञान में लाया था। बताया था कि खुद उनसे मान्यता के लिए 25 हजार रुपये लिए गए हैं। डीएम ने उसी वक्त बीएसए को फोन कर इस बारे में जानकारी ली। फिर गुरुवार को बीएसए को राइफल क्लब में बुलाया था। बाद में डीएम खुद बीएसए कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने मान्यता की फाइलें तलब कीं, रिकार्ड चेक किए। जिन बाबुओं के खिलाफ शिकायत मिली थीं, बीएसए को निर्देशित किया कि उन्हें तत्काल निलंबित करें। बीएसए समेत महकमे के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को हिदायत दी कि कार्यप्रणाली बदलें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
पांच तक की मान्यता के 25 हजार, आठ तक के लिए 80 हजार
बेसिक शिक्षा विभाग में मान्यता के नाम पर अच्छा खासा खेल होता है। सूत्रों की मानें तो एक से पांच तक की मान्यता के लिए 25 हजार रुपये लिए जाते हैं। छह से आठ तक की मान्यता के लिए 50 हजार रुपये निर्धारित हैं जबकि एक से आठ तक की मान्यता के लिए 80 हजार रुपये बाबुओं की ओर से तय किए गए हैं।