चौरी/ऊंज। गर्मी शुरू होने के साथ ही शासन से तय बिजली आपूर्ति रोस्टर बेपटरी होने लगा है। ग्रामीण इलाकों में में बिजली आपूर्ति लड़खड़ा गई है। कुछ फीडरों से 10 तो कुछ से सिर्फ छह घंटे आपूर्ति की जा रही रही है। चौरी और ऊंज इलाके के पांच फीडरों को आधी ही बिजली मिल रही है। ऐसे में इन फीडरों से जुड़े 150 से अधिक गांव में संकट बढ़ गया है। अंधाधुंध बिजली कटौती से लोगों की रात की नींद उड़ गई है तो किसानों की समस्याएं भी बढ़ गई हैं।
शासन ने जिला मुख्यालय को 24, तहसील को 22 और गांवों को 18 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर तय किया है। पूर्व के महीनों में कुछ हद तक विभाग रोस्टर से बिजली आपूर्ति कराने का प्रयास किया, लेकिन गर्मी शुरू होते ही रोस्टर बिगड़ने लगा है। 18 घंटे के बजाए छह से 10 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। ऊंज संवाददाता के अनुसार, इलाके के अकोढ़ा, पिलखुना, वहिदा और कोइरौना फीडर से जुड़े करीब 50 से अधिक गावों में आठ से 10 घंटे बिजली मिल रही है। सुबह और शाम कटौती से लोगों में नाराजगी है। ग्रामीण संतोष, राजेश बिंद ने आरोप लगाया कि फीडर के कर्मचारी मनमानी तरीके से आपूर्ति देते हैं। सुबह-शाम के बजाए रात में आपूर्ति होती है, जिसका कोई भी फायदा नहीं होता। कटौती से ऊंज, कुरमैचा, नवधन, बिछिया, बनकट, सीकीचौरा, पिलखुना, कूबी हरदोपट्टी, सोबरी, मुंगरी, चौरहटा, विश्वनाथपुर, भानपुर, मोहनपुर, श्रीकांतपुर, अकोढ़ा, दशरथपुर, बयावं, सागरपुर, बवईं समेत 50 से अधिक गांव प्रभावित हैं। चौरी संवाददाता के अनुसार, इलाके के चौरी और साऊंपुर फीडर का हाल बदतर हो गया है। उक्त फीडरों से मात्र पांच से छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। इससे रोटहां, मानिकपुर, बरदहां, कंधिया, परषोत्तमपुर, रबेली, ममहर बाजार, कलापुर, अर्जुनपुर, रमईपुर, अठगोड़वा, बरवां समेत 100 गांव प्रभावित हैं। पिछैती गेहूं की अंतिम सिंचाई से लेकर मड़ाई को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। बिजली न रहने से रात में मच्छरों से भी लोगों को जूझना पड़ रहा है। अधिशासी अभियंता बिजली अमर सिंह ने कहा कि तकनीकी खामियों से आपूर्ति में दिक्कत होती है। मेन लाइन से जो बिजली मिलती है उतनी भेजने का प्रयास होता है।