नई बाजार। भारतीय स्टेट बैंक से की गई 7.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में नगर के कालीन निर्यातक के यहां बुधवार को सीबीआई छापे से कालीन नगरी में हड़कंप मचा रहा। तीन वाहनों से नई बाजार स्थित शिवांग कार्पेट प्रतिष्ठान पहुंचे सीबीआई के अधिकारियों ने शाम चार बजे तक छानबीन और निदेशकों से पूछताछ की। इसके बाद जरूरी दस्तावेज लेकर टीम लखनऊ लौट गई।
शिवांग कारपेट के निदेशकगण रंजीत सिंह और अभिषेक सिंह पर भारतीय स्टेट बैंक से फर्जी आर्डर शीट, पैकिंग लिस्ट, शिपिंग बिलों के बदले 7.40 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों के बाद सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया था। जैसा की पहले ही अनुमान लगाया जा रहा था कि किसी भी क्षण परिसर की तलाशी लेने सीबीआई की टीम नगर आ सकती है। बुधवार को सुबह 9.45 बजे तीन वाहनों से अधिकारियों के आते ही नगर में खलबली मच गई और चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
चर्चाओं पर विश्वास करें तो जनपद में अभी भी कालीन के नाम पर घटिया और सस्ते कालीनों की ओवर बिलिंग कर विदेश भेज कर ड्राबैक के रूप में केंद्र सरकार को चूना लगाया जा रहा है। धोखाधड़ी के इस मामले के उजागर होते ही बाकी ऐसे निर्यातकों की नींद उड़ गई है। कहा जा रहा है कि सीबीआई को ऐसे कारोबारियों के बारे में सूचना उपलब्ध कराई गई है। जिसको लेकर दूसरे कालीन निर्यातकों तक सीबीआई के हांथ पहुंचने की उम्मीद लगाई जा रही है।