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तीर्थ के रूप में विकसित होगा सीर : योगी

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वाराणसी। सीरगोवर्धन स्थित संत रविदास की जन्मस्थली को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। दुनिया इसे सामाजिक समरसता के प्रतीक तीर्थ के रूप में जानेगी। संत रविदास की जयंती पर बुधवार को सीरगोवर्धन पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह घोषणा की। मंत्रियों, विधायकों और भाजपा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे मंदिर प्रशासन के साथ बैठक कर इसकी मुकम्मल कार्ययोजना तैयार करें। केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से पूरी मदद की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही जयंती समारोह में हर-हर महादेव और जय गुरु रविदास के जयकारे गूंज उठे। सरकार की इस पहल से रैदासी समाज गदगद नजर आया।
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संत रविदास मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद सत्संग पंडाल में आयोजित समारोह में सीएम योगी ने कहा, ‘काशी दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी है, जो भगवान शंकर के त्रिशूल पर बसी है। प्रधानमंत्री खुद यहां आना चाहते थे लेकिन व्यस्तता के कारण नहीं आ सके। प्रधानमंत्री के निर्देेश पर मैं यहां दर्शन करने आया हूं। यह मेरा सौभाग्य है।’
कहा कि संत रविदास के आदर्शों पर देश में समतामूलक समाज की स्थापना हो, यही हम सबकी कामना है। सबको अपने मुताबिक आराधना करने की आजादी होनी चाहिए। यहां सभी प्रांत के पंडाल लगे हैं और लघु भारत सा नजारा है, चहुंओर खुशियां हैं। सभी की संत रविदास के प्रति अपार आस्था है। यही आस्था हम सबको जोड़ती है। इस आस्था पर प्रहार करने वाला चकनाचूर हो जाता है। रैदासी समाज को भरोसा दिलाया कि जब वह हैं और मोदी जी हैं तो उनको किसी और के आगे हाथ फैलाने की कोई जरूरत नहीं है।
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मोदी सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी कहीं जाते हैं तो पूरी दुनिया की नजर उन पर रहती है। पूरा अमेरिका उनके स्वागत में उमड़ पड़ता है। चीन में भी उनका भव्य स्वागत होता है। आज भारत की तर्ज पर दूसरे देश स्वयं का विकास करना चाहते हैं। इतनी बड़ी आबादी वाला देश कैसे आसानी से चुनाव संपन्न करा लेता है, पूरी दुनिया चौंकती है।
इससे पहले मंदिर प्रबंधन की तरफ से संत सुरेंद्र दास ने स्वागत संबोधन किया। लखनऊ से मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर दोपहर 12:08 बजे बीएचयू के हेलीपैड पर उतरा। वहां से वह कार से सीरगोवर्धन स्थित रविदास मंदिर पहुंचे। दोपहर 2:10 बजे मंदिर से सर्किट हाउस के लिए रवाना हुए।
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