वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर में व्यास भवन और मिर्जापुर कोठी के बीच लगने वाली फूलमाला की दुकानें तोड़े जाने के विरोध में शनिवार को विश्वनाथ गली के व्यापारी सड़क पर उतर आए। विरोध में मंदिर कार्यालय के समक्ष धरना देकर जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान प्रदर्शनकारी दुकान तोड़ने वालों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग कर रहे थे। चौक पुलिस का कहना है कि शिकायत की जांच कराकर इस मामले में कदम उठाया जाएगा।
ज्ञानवापी में व्यास भवन के चबूतरे से लगी चहारदीवारी के साथ फूलमाला की कई दुकानें शुक्रवार की रात तोड़ दिए जाने का विश्वनाथ मंदिर प्रशासन पर आरोप है। विश्वनाथ गली व्यवसायी समिति के अध्यक्ष लल्लन मिश्र, उपाध्यक्ष नवीन गिरि, महामंत्री सोना लाल सेठ, मुन्ना पाठक, महेश सैनी समेत पचासों व्यवसायी शाम को दुकानें तोड़े जाने के विरोध में विश्वनाथ मंदिर के सीईओ कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठक गए। धरनास्थल पर पहुंचे एएसपी ज्ञानवापी(सुरक्षा) शैलेंद्र राय ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की लेकिन उनका कहना था कि दुकान तोड़ने के आरोप में सीईओ के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जानी चाहिए। इसके बाद नाराज व्यवसायी चौक थाने पहुंचे और वहां सीईओ के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस ने बताया कि मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा, ताकि जांच कराई जा सके। समिति के उपाध्यक्ष नवीन ने बताया कि वर्षों से वहां लगने वाली फूलमाला की दुकानें ध्वस्त कर दी गई हैं। दुकानदारों की आलमारियां भी तोड़ दी गईं। इससे काफी नुकसान हुआ है। इस मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए।