वाराणसी/हरहुआ। बाबतपुर के पास एनएच-56 के किनारे अवैध प्लाटिंग करने वाले पांच डेवलपर्स के खिलाफ शनिवार को वीडीए ने बड़ी कार्रवाई की। जेसीबी से उनके कार्यालय और प्लाटिंग के लिए खड़ी की गईं दीवारें ध्वस्त करा दीं। पांचों डेवलपर्स के विरुद्ध बड़ागांव थाने में मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति के साथ शासन को पत्र भेजा है। वीडीए उपाध्यक्ष के निर्देश पर इलाके के जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ भी शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। ये सभी डेवलपर्स वाराणसी-जौनपुर मार्ग के किनारे 108 एकड़ जमीन पर बिना लेआउट और नक्शा पास कराए प्लाटिंग कर रहे थे। वीडीए की कार्रवाई से कालोनाइजर और डेवलपर्स में हड़कंप है।
वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के नेतृत्व में विभागीय दस्ता वाराणसी-जौनपुर मार्ग (एनएच-56) पहुंचा था। वीडीए उपाध्यक्ष के मुताबिक वन प्लेस ग्रुप की ओर से बिना नक्शा पास कराए आधा एकड़ में प्लाटिंग की जा रही थी। अहरक गांव के पास सूर्या इंक्लेव ग्रुप की ओर से ढाई एकड़ में 60 प्लाट आवंटित किए गए थे। अठगांवा के पास वृंदावन सिटी के नाम से तीन एकड़ में 100 प्लाट बेचे जाने की बात सामने आई। सर सैय्यद सोसाइटी पश्चिमपुर अहरक में 100 एकड़ में पिलर्स खड़े किए गए थे। रेलवे लाइन के पास विधान डेवलपर्स की ओर से दो एकड़ में प्लाटिंग कराई जा रही थी। इनमें से एक भी डेवलपर्स ने वीडीए से कोई लेआउट और नक्शा पास नहीं कराया है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही बड़ागांव थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इलाके के विभागीय जेई, एई और एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी शासन से संस्तुति की गई है। वहीं क्षेत्र के एसडीएम के अलावा आर्थिक अपराध शाखा को भी कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपी गई है। टीम में तहसीलदार, अविनाश कुमार, प्रभाकर पांडेय, वीपी मौर्या आदि शामिल थे।
पुलकित खरे, उपाध्यक्ष, वीडीए ने बताया कि वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर वीडीए से बिना नक्शा पास कराए डेवलपर्स की ओर से प्लाटिंग की शिकायतें मिली थीं। मौके पर जाकर जांच की गई तो शिकायतें सही पाई गईं। डेवलपर्स के कार्यालयों को ढहाकर प्लाटिंग एरिया सील कर दी गई है। घर बनाने वालों से अपील है कि कोई भी जमीन, प्लाट या फ्लैट खरीदने से पहले वीडीए से उसके बारे में पूरी तरह तस्दीक कर लें। डेवलपर्स के बहकावे में न आएं। - पुलकित खरे, उपाध्यक्ष, वीडीए