वाराणसी। किसी भी छात्र के लिए छात्रवृत्ति का बड़ा महत्व है। समय-समय पर मिलने वाली छात्रवृत्ति से पढ़ाई की राह आसान होती है। बीएचयू में सर सुंदरलाल अस्पताल ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. एसके सिंह को अपनी पढ़ाई के दौरान दो बार छात्रवृत्ति मिल चुकी है। छात्रवृत्ति की धनराशि से डॉ. सिंह ने न केवल महीने की फीस जमा की बल्कि कॉपी-किताबें भी खरीदीं।
मूल रुप से मिर्जापुर जिले के चुनार के प्रतापपुर निवासी डॉ. सिंह का कहना है कि कक्षा छह से आठ तक (1971 से 1973 तक) उन्होंने माधव विद्या मंदिर पुरुषोत्तमपुर में पढ़ाई की थी। इसी दौरान 60 रुपये की छात्रवृत्ति मिली थी। इसके लिए उन्होंने तहसील स्तर पर मेधावी छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए लिखित परीक्षा दी थी।
बीएचयू से एमबीबीएस, एमडी करने वाले डॉ. सिंह ने बताया कि परीक्षा पास करने और छात्रवृत्ति मिलने की सूचना प्रधानाचार्य ने दी। प्रधानाचार्य ने बुलाया तो लगा कि कोई गलती हो गई और सजा मिलेगी लेकिन जैसे ही पता चला कि पूरे विद्यालय में स्कॉलरशिप परीक्षा केवल मैंने ही पास की है तो खुशी से झूम उठा था। बताया कि 10 किलोमीटर दूर साइकिल चलाकर विद्यालय जाने, दो रुपये महीने फीस देने के बाद भी पहली बार 60 रुपये देखे थे। कहते हैं कि इससे उन्हें नई जिम्मेदारी का अहसास कराया। उस समय पैदा सोच आज भी उनके साथ है।
उनकी सलाह है कि विद्यार्थी पढ़ाई के दौरान मिलने वाली छात्रवृत्ति का सही उपयोग करें। इस धनराशि को वहीं लगाए, जो पढ़ाई के काम आए। छात्रवृत्ति कितनी मिल रही है, ये महत्व नहीं, इसके लिए परीक्षा देना और प्रयास करना जरूरी है।
अभी है मौका, आवेदन करें
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से होने वाली अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2017 के लिए अभ्यर्थी अब 10 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हाईस्कूल के मेधावियों को 30 हजार, इंटरमीडिएट के मेधावियों को 50 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दी जाएगी। यूपी बोर्ड से 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी, जो पिछली वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों, उनकी वार्षिक पारिवारिक आय 1.50 लाख रुपये से कम हो, आवेदन कर सकते हैं। अभ्यर्थी वेबसाइट द्घशह्वठ्ठस्रड्डह्लद्बशठ्ठ.ड्डद्वड्डह्म्ह्वद्भड्डद्यड्ड.ष्शद्व या अमर उजाला की वेबसाइट ड्डद्वड्डह्म्ह्वद्भड्डद्यड्ड.ष्शद्व के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।