बीएचयू परिसर में मनु स्मृति जलाने के प्रयास, मारपीट, उन्माद फैलाने के आरोप में 13 छात्र-छात्राओं को जेल भेजा गया। बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर की शिकायत पर केस दर्ज हुआ और अदालत में पेश किया गया। पकड़े गए प्रदर्शनकारियों से एटीएस की टीम पूछताछ करने पहुंची थी और अर्बन नक्सली का कनेक्शन खंगाल रही है।
बीएचयू कैंपस में मनु स्मृति जलाने के प्रयास, सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट और धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में लंका थाने की पुलिस ने बृहस्पतिवार को केस दर्ज कर लिया। मामले में गिरफ्तार 13 छात्र-छात्राओं को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। 10 छात्रों की गिरफ्तारी पहले की गई थी। तीन छात्राओं की गिरफ्तारी बाद में हुई है। आरोपियों से पूछताछ करने के लिए आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की टीम भी लंका थाने पहुंची है। एटीएस की टीम आरोपी छात्र-छात्राओं का अर्बन नक्सलियों से कनेक्शन खंगाल रही है।
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बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर प्रो. एसपी सिंह ने लंका थाने की पुलिस को बुधवार को तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि कैंपस में कला संकाय चौराहे पर मनु स्मृति ग्रंथ जलाने के प्रयास और धार्मिक उन्माद फैलाने के उद्देश्य से पूर्व नियोजित योजना के तहत छात्र-छात्राओं की तरफ से हंगामा किया जा रहा था। सभी को शांत कराने और मौके से हटाने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम प्रयास कर रही थी। इस पर छात्र-छात्राओं ने सुरक्षा कर्मियों से मारपीट की। परिसर में तोड़फोड़ कर सरकारी काम में बाधा उत्पन्न की। मारपीट में दो महिला सुरक्षा कर्मियों को गंभीर चोट लगी है।
इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्र ने बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर ऑफिस के कर्मचारियों ने 13 छात्र-छात्राओं को पकड़ा गया था। इन सबको पुलिस के सुपुर्द किया गया। इन सबके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बीएचयू के कला संकाय के बीए ऑनर्स के मुकेश कुमार, संदीप जायसवार, अमर शर्मा व लक्ष्मण कुमार, एमए हिंदी के अरविंद पाल, दर्शन शास्त्र के शोध छात्र अनुपम कुमार, छात्र अविनाश, अरविंद, शुभम कुमार व आदर्श, एमएससी (मनोविज्ञान) की इप्सिता अग्रवाल, एमए (समाजशास्त्र) की सिद्दी तिवारी और कला संकाय से बीए ऑनर्स की कात्यायनी को जेल भेजा गया।
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एनआईए भी कर चुकी है पूछताछ
एटीएस के अफसरों ने बताया कि गिरफ्तार छात्र-छात्राओं में कुछ की गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध रही हैं। एक छात्रा से एनआईए की टीम पहले पूछताछ कर चुकी है। इसलिए छात्र-छात्राओं से पूछताछ की गई कि उन्होंने जो कृत्य किया, उसके पीछे उनका उद्देश्य क्या था।