दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में सीएमएस को हटाए जाने के लिए डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ के सामूहिक इस्तीफे की धमकी के मामले का शासन ने संज्ञान लिया है। इधर डॉक्टरों ने दो दिन पूर्व अपर निदेशक स्वास्थ्य को जो पत्र दिया था, उसके आधार पर अपर निदेशक डॉ.नीता कुलश्रेष्ठ ने जांच शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार को अपर निदेशक ने डॉक्टरों और सीएमएस के साथ अलग-अलग बातचीत कर मामले का पटाक्षेप करने की बात कही। दोनों पक्षों से मरीजों के हित में काम करने को कहा। करीब दो घंटे तक चली बातचीत के बाद डॉक्टर सीएमएस पर ठोस कार्रवाई पर अड़े हैं।
मंगलवार को जिला अस्पताल के 33 डॉक्टरों, 40 पैरामेडिकल स्टाफ ने जिलाधिकारी, अपर निदेशक स्वास्थ्य, सीएमओ को पत्र लिखकर सीएमएस पर मनमानी करने, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ को जानबूझकर परेशान करने सहित कई शिकायत की थी। इसमें डाॅक्टरों ने तीन दिन के भीतर कार्रवाई न होने पर सामूहिक त्याग पत्र देने को कहा था। इस बीच बुधवार को सीएमएस ने भी जिला प्रशासन को दिए सफाई में डॉक्टरों पर सही तरीके से कामकाज न करने सहित अन्य आरोप लगाए थे। इस बीच बृहस्पतिवार को अपर निदेशक ने सीएमएओ, संयुक्त निदेशक की मौजूदगी में शिकायतकरने वाले डॉक्टरों और सीएमएस से पूरे प्रकरण पर गंभीरता पूर्वक बातचीत की।
अपर निदेशक ने बताया कि बातचीत में सभी पहलुओं पर बिंदुवार चर्चा की गई। इसमें आपसी मनमुटाव को दूर कर मरीज हित में काम करते रहने को कहा गया। बातचीत में दोनों पक्ष आश्वस्त दिखे। कोशिश की जा रही है कि किसी तरह की विवाद की स्थिति न हो। उधर शिकायतकर्ता डॉक्टरों का कहना है कि बातचीत में ठोस कार्रवाई पर कोई नतीजा नहीं निकला, इस वजह से सोमवार तक का इंतजार किया जाएगा। इधर पीएमएस के सचिव डॉ. आरएन सिंह का कहना है कि अगर सोमवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो डॉक्टरों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।