वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों श्री काशी विश्वनाथ धाम के शिलान्यास के बाद पूरे परिक्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने की कवायद शुरू हो गई है। धाम पूरी तरह बनने के बाद यहां चार स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू होगी। फिलहाल, यहां पुलिस और सीआरपीएफ की दो स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है।
एयरपोर्ट और संसद भवन की तर्ज पर लागू होने वाले सुरक्षा प्लान में मंदिर परिक्षेत्र में श्रद्धालु निर्धारित स्थान तक सामान के साथ जा सकेंगे। कंसलटेंट कंपनी के साथ आईजी विजय सिंह मीणा और सीआरपीएफ कमांडेंट एनपी सिंह को नई सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
39 हजार वर्गमीटर में तैयार होने वाले धाम में गंगा घाट से मंदिर तक के पाथ-वे की लंबाई 350 मीटर और चौड़ाई 50 फीट होगी। मंदिर को आयताकार चौक के दायरे में बनाया जाएगा। इसके चारों ओर भव्य द्वार बनेंगे। मंदिर और पास के ज्ञानवापी परिसर में खुला मैदान होगा। खुले स्थानों पर काशी और विश्वनाथ मंदिर की पौराणिकता एवं इतिहास को दर्शाने वाला म्यूजियम, मल्टीपरपज हॉल और दर्शनार्थियों के प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग द्वार बनाए जाएंगे।