वाराणसी। औढ़े गांव की जनसभा में प्रधानमंत्री 11 हजार लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना की सौगात देंगे। नगर निगम ने इसके लाभार्थियों को कार्यक्र म स्थल तक पहुंचाने के लिए 173 बसें लगाई हैं। नगर निगम ने पांच जोन में 22 ब्लाक प्रभारियों और 223 कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम के कोआर्डिनेटर संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि शहरी क्षेत्र में 22 जगह से लाभार्थियों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाया जाएगा।
सभा के दौरान काशी विद्यापीठ विकास खंड के खुशीपुर गांव की शारदा देवी को प्रधानमंत्री आवास की चाबी सौंपेंगे। शारदा देवी को 2017-18 में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) के तहत आवास का आवंटन हुआ था। बीडीओ डॉ. रक्षिता सिंह ने बताया कि जनपद में शारदा इकलौती महिला हैं, जिन्हें आवास की चाबी पीएम मोदी सौंपेंगे। एक लाख 20 हजार रुपये से निर्मित आवास शौचालय, गैस व बिजली कनेक्शन दे दिया गया है। ब्लाक से दो हजार लाभार्थी पचास बसों से सभा स्थल पहुंचेंगे। चिरईगांव विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी रजनीश पांडेय ने बताया कि ब्लाक से 1200 लाभार्थी 30 बसों से पहुंचेंगे।
आराजीलाइन ब्लाक के 5000 लाभार्थी जाएंगे। सहायक विकास अधिकारी पंचायत सुनील सिंह ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी शोमिल होंगे। सभा में लाभार्थियों को ले जाने के लिए पांच दर्जन से अधिक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जगतपुर में 100 बसें सोमवार की शाम पहुंच गई थीं। सभा स्थल के आसपास के बच्छांव, बंदेपुर, विशोखर, पंडितपुर समेत 11 के गांवों के दो हजार लाभार्थी पैदल ही सभा स्थल पहुंचेंगे।
रोहनिया विधायक के गांव में है पीएम का कार्यक्रम
राजातालाब/ रोहनिया। प्रधानमंत्री की मंगलवार को होने वाली ग्राम सभा रोहनिया के विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह का पैतृक गांव है। सितंबर, 2018 में प्रधानमंत्री सेवापुरी विधानसभा के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले गांव शाहंशाहपुर में आए थे। सेवापुरी के विधायक नील रतन पटेल का पैतृक निवास इसी गांव में है। औढ़े में पीएम की सभा की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
एसपीजी ने हेलीपैड और मंच को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया है। तीन अलग-अलग प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगा दिया गया है। मंच के पिछले हिस्से में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। मंच के ठीक पीछे चार स्विस कॉटेज बनाए गए हैं। वहीं प्राथमिक विद्यालय में कंट्रोल रूम व सेफ रूम बनाया गया है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, एसएसपी आनंद कुलकर्णी, सीडीओ गौरांग राठी, सीओ सदर अनिल कुमार ने भी कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर विभागीय कर्मचारियों को निर्देशित किया।
प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में इन दोनों विधानसभा की बड़ी भूमिका है। यह दोनों विधानसभा पश्चिम में भदोही तो दक्षिण पश्चिम में मिर्जापुर की सीमा को छूती हैं। प्रधानमंत्री ने रथ यात्रा के दिन पंचकोशी परिक्रमा से सटे गांव कचनार में सभा की थी। इस बार वह रविदास जयंती पर पंचकोशी परिक्रमा मार्ग के प्रथम पड़ाव कंदवा से पांच किलोमीटर दूर पंचकोशी सड़क के किनारे औढ़े गांव में सभा कर रहे हैं। वहीं औढे़ के प्रधान हौसला प्रसाद दुबे ने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का निमंत्रण न मिलने पर नाराजगी जताई है।
इस बीच औढे़ स्थित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम स्थल पर एमएलसी और भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य ने महिला पदाधिकारियों की बैठक ली व जिम्मेदारी सौंपी। बैठक में मुख्य रूप से महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष मीना तिवारी, सुनीता सिंह ,साधना वेदांती, सीमा ओझा, ममता राय ,ममता गौड़ और निर्मला पटेल इत्यादि महिलाएं उपस्थित रहीं। बैठक का संचालन जिला महामंत्री प्रभात सिंह ने किया।
औढे में तैयारियों का जायजा लेने के बाद काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यकर्ताओं के साथ ही आम जनता भी पीएम को सुनने के लिए उत्साहित हैं। महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि ने बताया कि कार्यकर्ता अपने सेक्टरों और मंडलों से पार्टी का झंडा लेकर दोपहिया वाहनों से सभा स्थल पर पहुंचेंगे। सभास्थल का राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी, अनिल राजभर, रोहनिया विधायक सुरेंद्र नारायण सिंह, पिंडरा विधायक अवधेश सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने भी निरीक्षण किया।
गेहूं के खेत को समतल कर बनाई पार्किंग
खुशीपुर में वाहनों के पार्किंग स्थल के लिए गेहूं की की खड़ी फसल वाले खेत को जेसीबी से समतल किया गया। हेलीपैड के पास प्राथमिक विद्यालय व पंचायत भवन को रंगाई-पुताई की गई। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक आने वाली सड़क दुरुस्त की जा रही थी। इस दौरान एक लेन में वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। इससे जाम लगा रहा।
ग्रामीणों ने उखाड़ा मार्ग, पुलिस ने बिछवाया
पंडाल तक पहुंच मार्ग के लिए प्रशासन ने ईटों से खड़ंजा बिछवाया था। इसे ग्रामीणों ने सोमवार को उखाड़ दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों से बात की तो ग्रामीणों ने बताया कि कहीं यह स्थायी रास्ता तो हम लोगों की जमीन पर नहीं बना दिया गया। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि यह केवल कार्यक्रम तक हैं। इसके बाद इसे उखाड़ दिया जाएगा, तब ग्रामीणों ने उसे बिछाने दिया।