रामनगर। मासूम अनुज के परिजनों ने यदि नाई प्रह्लाद शर्मा की धमकियों को नजरअंदाज न किया होता तो शायद उसकी हत्या न होती। अनुज की हत्या की तफ्तीश कर रही रामनगर पुलिस प्रथम दृष्टया इसी निष्कर्ष पर पहुंची है। गिरफ्तार प्रह्लाद को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया जबकि मामले में नामजद उसके पिता जयनंदन की पुलिस तलाश कर रही है।
किला रोड स्थित मंशा देवी मंदिर क्षेत्र में गुरुवार को स्कूल से घर जा रहे आठ वर्षीय अनुज का गला उस्तरे से रेत कर पड़ोसी नाई प्रह्लाद ने हत्या कर दी थी। हत्या के बाद भाग रहे प्रह्लाद को लोगों ने पकड़ कर पीटा और पुलिस को सौंप दिया। प्रह्लाद के अनुसार अनुज के पिता विवेक ने उसके पिता की पिटाई की थी। जहां वो रहता था वो मकान खाली कराना चाहते थे और उसका पैसा नहीं दे रहे थे। इसी वजह से उसने हत्या की।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार अनुज के पिता विवेक और उनके भाई अभिषेक को प्रह्लाद अक्सर धमकाता रहता था कि दोनों को एक दिन बड़ा सबक सिखाएगा। मगर, दोनों भाई प्रह्लाद की बातों को कभी गंभीरता से नहीं लेते थे। अनुज के बड़े पापा अभिषेक को इसी बात का मलाल है कि महज दस कदम की दूरी पर होने के बावजूद वो अपने भतीजे को बचा नहीं पाए। उधर, शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय, जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष रेखा शर्मा, महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मीरा तिवारी, विपिन सिंह, डॉॅ. मोईन सिद्दीकी, सुनील राय, पप्पू खां आदि लोग अनुज के घर पहुंचे और पीडि़ता परिवार को ढांढस बंधाया। अनुज के स्कूल डीएवी में शोकसभा आयोजित कर उसे श्रद्धांजलि दी गई।
मुहल्ले के लोग बोले, कहता था कुछ करने वाला हूं
हत्या के आरोप में जेल भेजे गए प्रह्लाद की हरकतें हाल के दिनों में मुहल्ले वालों को अजीबोगरीब प्रतीत हो रही थीं। वो सबसे कहता फिरता था कि कुछ करने वाला है। प्रह्लाद की कद काठी देख लोग उसकी बातों को हल्के में लेते थे। किसी को भी यकीन नहीं था कि वो ऐसी वीभत्स घटना को अंजाम देगा।